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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली के अस्पतालों में मिर्गी की दवा भी पाई गई नकली, एलजी ऑफिस ने दी जानकारी

By Agency Edited By: Sonu Suman
Published: Wed, 27 Dec 2023 02:42 PM (GMT+05:30)

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के अस्पतालों में नकली दवाओं की आपूर्ति के मामले में सीबीआई जांच के निर्देश देने ...और पढ़ें

दिल्ली के अस्पतालों में मिर्गी की दवा भी पाई गई नकली।
दिल्ली के अस्पतालों में मिर्गी की दवा भी पाई गई नकली।

पीटीआई, नई दिल्ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के अस्पतालों में नकली दवाओं की आपूर्ति के मामले में सीबीआई जांच के निर्देश देने के बाद राजनिवास ने एक और नकली दवा का इस्तेमाल किए जाने की बात कही है। राजनिवास ने बुधवार को बताया कि मिर्गी के इलाज में इस्तेमाल दवा भी मरीजों को नकली दी जा रही है।

वीके सक्सेना ने पिछले हफ्ते उन दवाओं की कथित आपूर्ति की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी जो गुणवत्ता मानक परीक्षण में विफल पाई गई थीं और जिनसे जान को खतरा होने की आशंका थी। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली सरकार के अस्पतालों से लिया गया एक और दवा का नमूना चंडीगढ़ में क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल ) द्वारा विफल करार दिया गया।

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22 दिसंबर को आई रिपोर्ट में यह बात आई सामने

इस बार सोडियम वैल्प्रोएट नामक मिर्गी रोधी दवा मानकों पर खरी नहीं उतरी है। एक अधिकारी ने बताया कि यह रिपोर्ट 22 दिसंबर को एक सरकारी विश्लेषक द्वारा जारी की गई थी। अधिकारियों के अनुसार जो दवाएं खराब गुणवत्ता की पाई गई है, उनमें सेफैलेक्सिन भी शामिल है, जो फेफड़ों और मूत्र के रास्ते के संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक एंटीबायोटिक है।

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