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VIDEO: PM मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन में दिखा रहस्यमयी जानवर, दिल्ली पुलिस ने बताई सच्चाई

Rashtrapati Bhawan राष्ट्रपति भवन में शपथ समारोह के दौरान का सोशल मीडया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक जंगली जानवर दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं। कोई इसे बिल्ली तो कई इसे तेंदुआ बता रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस का भी बयान आया है।

By Jagran News Edited By: Geetarjun Published: Mon, 10 Jun 2024 06:06 PM (IST)Updated: Mon, 10 Jun 2024 09:00 PM (IST)
ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन में दिखा रहस्यमयी जानवर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में शपथ समारोह के दौरान का सोशल मीडया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक जंगली रहस्यमयी जानवर दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं। कोई इसे बिल्ली तो कई इसे तेंदुआ बता रहा है।

दरअसल वीडियो में दिख रहा है कि भाजपा सांसद दुर्गा दास उइके ने शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद वो राष्ट्रपति का अभिवादन करते हैं और इसी बीच उनके पीछे एक बिल्ली जैसा जानवर जाता दिख रहा है। कोई इसे बिल्ली या बड़ी बिल्ली बता रहा है तो कोई इसे तेंदुआ बता रहा है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में पूरी जानकारी दी है।

एक्स पर पोस्ट कर कहा, कुछ मीडिया चैनल और सोशल मीडिया हैंडल कल राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के लाइव प्रसारण के दौरान कैद की गई एक जानवर की तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह एक जंगली जानवर है। ये तथ्य सही नहीं हैं, कैमरे में कैद जानवर एक आम घरेलू बिल्ली है। कृपया ऐसी तुच्छ अफवाहों पर ध्यान न दें।

राष्ट्रपति भवन के बारे में

1914 में भवन का निर्माण एडिवन लुटियेंस ने शुरू किया, जो 15 साल बाद 1929 में बनकर तैयार हुआ। 340 कमरों के भवन निर्माण में 70 करोड़ ईटें लगी हैं। 330 एकड़ में बने महल का मुख्य आकर्षण 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान है। महल के अंदर तीन हॉल हैं-

  • दरबार हॉल (प्रमुख समारोह के लिए)
  • बैंकेट हॉल (मेहमानों के भोजन की व्यवस्था हेतु)
  • अशोक हॉल (शपथ समारोह और अन्य समारोह के लिए)

राष्ट्रपति भवन चार मंजिलों वाला भवन है और इसमें अलग-अलग आकार के 340 कमरे हैं। कई कक्षों, प्रवेश कक्षों, गलियारों, प्रांगणों, दीर्घाओं, लॉजिया, सैलून, सीढ़ियों और बरामदों को पैदल पार करने में तीन घंटे लगेंगे। रसोई, पैन ट्राई, इस्त्री कक्ष, प्रिंटिंग प्रेस और थिएटर का तो इसमें जिक्र ही नहीं। कुल मिलाकर, फर्श का क्षेत्रफल 200,000 वर्ग फीट (लगभग 18,580 वर्ग मीटर) है। संरचना में लगभग 700 मिलियन ईंटें और तीन मिलियन क्यूबिक फीट पत्थर लगे हैं। इसके निर्माण के चरम पर 23,000 से कम मजदूरों ने इस परियोजना पर काम किया, जिनमें 3,000 पत्थर काटने वाले भी शामिल थे।


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