नई दिल्ली। करीब एक महीने तक चली सियासी नूरा-कुश्ती के बाद भी आम आदमी पार्टी (AAP)और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो सका है। दोनों दलों में गठबंधन को लेकर पहले 5 राज्यों की 33 सीटों फिर दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ और इसके बाद दिल्ली की सिर्फ सात सीटों पर वार्ता का दौर चला। लेकिन अब दोनों दल सियासत के मैदान में अकेले ही ताल ठोक रहे हैं। गठबंधन नहीं हो पाने की क्या वजह रहीं और लोकसभा चुनाव में अब AAP की क्या रणनीति रहेगी। इस पर गठबंधन के लिए AAP के वार्ताकार रहे और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह से दैनिक जागरण के प्रमुख संवाददाता वीके शुक्ला ने बात की है। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश।

1.कांग्रेस से गठबंधन न हो पाने के क्या कारण हैं?

- मैं इस बात से हैरान हूं कि कांग्रेस मोदी अमित शाह की जोड़ी को सत्ता से बाहर करने की जगह विपक्ष को कमजोर करने में लगी है। हमने गठबंधन के लिए कांग्रेस की सहूलियत के हिसाब से बार-बार प्रस्ताव बदले। पहले 33 सीटों पर, फिर 18 और बाद में आठ सीटों पर बात हुई, मगर कांग्रेस किसी भी बात पर राजी नहीं हुई। बार-बार पलट गई।

2. गठबंधन न हो पाने के लिए कौन जिम्मेदार है?

-इसके लिए कांग्रेस का नेतृत्व और राहुल गांधी जिम्मेदार हैं। कहां पर कमी रही, क्या गड़बड़ी हुई, यह बात कांग्रेस को पता होगी। पार्टी नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए।

3.गठबंधन न होने से दोनों दलों को क्या सियासी नुकसान होगा?

-दिल्ली में हम सातों सीटें जीत रहे हैं। हमें कोई भी नुकसान नहीं होगा, लेकिन कांग्रेस बेनकाब हो चुकी है। जनता को पता चल गया है कि कांग्रेस भाजपा को जिताने के लिए काम कर रही है, इसलिए दिल्ली की जनता का समर्थन अब हमें मिलने जा रहा है।

4.चुनाव जीतने के लिए अब आप की क्या रणनीति रहेगी?

-हमारे प्रत्याशी पिछले एक साल से फील्ड में हैं। सभी विधायक व कार्यकर्ता डोर डू डोर अभियान चला रहे हैं। जिला से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी चुनाव की तैयारी कर चुकी है। भाजपा को दिल्ली में पटखनी देने के लिए पूरी पार्टी और कार्यकर्ता एकजुट होकर जी जान से लगे हैं। आम जनता का आशीर्वाद भी हमारे साथ है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी हम जननायक जनता पार्टी के साथ मिलकर मजबूती से लड़ रहे हैं । दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ की सभी 18 सीटों हमारी पार्टी जीत दर्ज करेगी और मोदी-शाह की जोड़ी को हराएगी।

5. क्या अभी भी गठबंधन के लिए कोई प्रयास चल रहा है?

-अब समय समाप्त हो चुका है। गठबंधन को लेकर अब कोई बात नहीं है। हमारे प्रत्याशी सोमवार को नामांकन कराने जा रहे हैं।

6. AAP का जन्म उस जनलोकपाल आंदोलन से हुआ था, जो केंद्र में सत्तासीन कांग्रेस से लड़ रहा था। फिर भी कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश, आखिर क्यों?

-यह बात हम बार-बार कह चुके हैं कि आप का जन्म कांग्रेस के विरोध से हुआ। लेकिन, देश में आज जिस तरह की परिस्थितियां हैं। मोदी और शाह की जोड़ी वाली भाजपा की केंद्र सरकार संघीय ढांचे और संप्रभुता के लिए खतरा है। भाजपा को रोकने के लिए पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल सहित हम सभी कांग्रेस से गठबंधन करना चाहते थे। पांच राज्यों में गठबंधन होता तो पूरे देश में संदेश जाता कि मोदी और शाह की जोड़ी अब दोबारा सत्ता में नहीं आएगी।

7. ऐसा लग रहा है कि AAP हर हाल में कांग्रेस से गठबंधन चाहती थी, इसमें कितनी सच्चाई है?

-दूसरे दलों की सरकारों को राज्यपालों व उपराज्यपालों के माध्यम से चलाने की कोशिश की जा रही है। दूसरे दलों की सरकारें स्थिर की जा रही हैं। देश में कहीं अखलाक को मार दिया जाता है। कहीं सुबोध सिंह को मार दिया जाता है। कहीं गौरी लंकेश को मार दिए जाने के बाद गाली दी जीती है। ऐसे माहौल से देश को बचाने के लिए हम कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहते थे।

8. दो से तीन बार इन्कार के बाद गठबंधन पर फिर से बात हुई, इसकी क्या वजह है ?

- हमारा प्रयास यही था कि मोदी और शाह को रोकने के लिए गठबंधन किया जाए। इसलिए बार-बार मना कर देने के बाद भी हम चाहते थे कि किसी स्तर पर गठबंधन हो जाए। इसी के चलते गठबंधन को लेकर अलग अलग प्रस्ताव दिए गए।

9. AAP की ओर से मुख्य चुनावी मुद्दा क्या है?

-देखिए, हम पिछले पांच सालों का केंद्र का लेखाजोखा लें तो मोदी ने कहा था कि काला धन आएगा, 15 लाख लोगों के खाते में जाएगा। यह जुमला निकला। दो करोड़ युवाओं को नौकरी तो दूर लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं। नोटबंदी में काला धन तो बाहर नहीं आया, मगर लाइन में लगने वाले डेढ़ सौ लोगों की जान जरूर चली गई हैं। 2018 में एक करोड़ दस लाख लोगों के बेरोजगार होने का डाटा उपलब्ध है। जीएसटी व नोटबंदी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी। इसके बाद आप दिल्ली में सीलिंग करवा रहे हैं।

10. भाजपा कह रही है उसका चुनावी मुद्दा राष्ट्रवाद है? AAP आरोप लगा रहे हैं?

- कौन सा राष्ट्रवाद, भाजपा का राष्ट्रवाद ढकोसला है। क्या इसे ही राष्ट्रवाद कहेंगे कि शहीद को आप का प्रत्याशी राष्ट्रदोही बताता है। वह महिला कह रही कि हमने बाबरी मस्जिद को चढ़कर तोड़ा है। इससे जो लोग खुश हो रहे हैं, वह भी इन लोगों से खुद को सुरक्षित न समझें। पुलवामा शहीदों के नाम पर आप राजनीति करते हैं, लेकिन उन्हें शहीद का दर्जा नहीं देते। हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा कि इन्हें शहीद का दर्जा दीजिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आप उस दल के साथ गठबंधन करते हैं, जो जम्मू कश्मीर में देश की विचारधारा का समर्थन नहीं करता है।

11. मोदी को रोकने के लिए AAP की क्या रणनीति होगी ?

-मोदी को इस देश की जनता रोकेगी, जो पांच साल तक ठगी गई है। दक्षिण भारत के वे किसान रोकेंगे, जिन्हें पीएमओ के सामने धरना देना पड़ा है। इसके अलावा वे नौजवान रोकेंगे, जिन्हें रोजगार नहीं मिला और जिन्हें मिली उनकी नौकरी चली गई।

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Posted By: JP Yadav