नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दो दिनों से देश में एक तूफान टाक्टे का नाम गूंज रहा है। हर कोई ये जानने को उत्सुक है कि आखिर ये किस तरह का तूफान है। इसका नाम टाक्टे कैसे रखा गया है। आम लोग तो सिर्फ तूफान का नाम सुनकर ही कांप जाते हैं। मगर इस तूफान को एक नाम दे दिया गया है। इस वजह से हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर ये टाक्टे है क्या, कहां से इस तूफान का नाम ये रखा गया है। हम आपको इस खबर के माध्यम से बताएंगे कि आखिर टाक्टे तूफान क्या है और इसका ये नाम किसने रखा है। इस तूफान की तीव्रता क्या है और ये किस-किस देश को नुकसान पहुंचा रहा है।

बंगाल की खाड़ी से उठने वाले तूफानों के अजीबोगरीब नाम आते हैं सामने

हर बार जब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से कोई तूफान उठता है तो उसके अजीबोगरीब नाम सामने आते हैं ये पहला मौका नहीं है जब अरब सागर या बंगाल की खाड़ी से कोई भयानक तूफान उठा हो और उसके कई इलाकों में नुकसान पहुंचाने की संभावनाएं जताई जा रही हों। पहले भी ऐसा होता रहा है। मौसम विभाग इस चक्रवाती तूफान पर नजर बनाए हुए हैं। वो हर पल की जानकारी दे रहे हैं।

चक्रवातों का नामकरण न केवल खतरे को पहचानता है बल्कि देशों को नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के लिए मजबूर करता है। साल 2017 में चक्रवात "ओखी" आया था। बांग्लादेश ने इसको नाम दिया था, जिसका अर्थ बंगाली भाषा में "आंख" है। हाल ही में चक्रवात फोनी भी आया था, इसका नाम भी बांग्लादेश द्वारा रखा गया था। फिलहाल इस बार इस चक्रवाती तूफान को एम्फन नाम दिया गया है। तूफान को ये नाम थाईलैंड ने दिया है।

क्यों दिया जाता है नाम

यदि एक चक्रवात की गति 34 समुद्री मील प्रति घंटे से अधिक है तो इसे एक विशेष नाम देना आवश्यक हो जाता है। यदि तूफान की हवा की गति 74 मील प्रति घंटे तक पहुंचती है या पार हो जाती है, तो इसे तूफान / चक्रवात / तूफान में वर्गीकृत किया जाता है।

कैसे पड़ा नाम तूफान का नाम टाक्टे

इस बार इस तूफान का नाम म्यामांर ने रखा है। म्यामांर में टाक्टे का मतलब छिपकली होता है। बताया जा रहा है कि जिस तरह से छिपकली धीरे-धीरे चलती है और अचानक से अपने शिकार पर हमला कर देती है उसी तरह से तूफान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अचानक से नुकसान पहुंचा रहा है। इसी वजह से इस तूफान का नाम टाउटे रखा गया है। अगले 48 घंटे में इस तूफान के और भी भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सुबह 10.30 बजे गोवा के तट से टकराने के बाद ये आगे बढ़ रहा है।

मौसम विभाग का एलर्ट

मौसम विभाग ने कहा है कि अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान टाक्टे के चलते महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे से अधिक है इसलिए इसे अति गंभीर श्रेणी में रखा गया है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान रायगढ़, पालघर, मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी जिलों के अलग-अलग इलाकों में 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका है।

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