नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मोहल्ला क्लीनिक उदासीनता की शिकार है। हालत यह है कि इन क्लीनिकों पर मोहल्ले वालों को शर्म आने लगी है। एक साल से बनकर तैयार क्लीनिकों में इलाज की सुविधा तो नहीं शुरू हो पाई, यह शराबियों के अड्डे बन गए हैं। कर्दमपुरी, खजूरी, बिहारी कॉलोनी, सबोली आदि इलाकों में स्थित मोहल्ला क्लीनिकों के अंदर और बाहर शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है।

मधुशाला के रूप में बदल गया मोहल्ला क्लीनिक 
बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के कर्दमपुरी इलाके में बना हुआ क्लीनिक चार महीने पहले तक घोड़े व गधों की आरामगाह बना हुआ था और अब मधुशाला के रूप में बदल गया है। असामाजिक तत्व क्लीनिक के अंदर और बाहर खड़े होकर शराब पीते हैं। क्लीनिक में लगी हुई खिड़कियां व अन्य सामान तक चोरों ने चोरी कर लिया है।

बोलने को तैयार नहीं
जून में इस क्लीनिक में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी, जिससे क्लीनिक के पोटा केबिन का बड़ा हिस्सा जल गया था। यह क्लीनिक आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक व दिल्ली के मंत्री गोपाल राय के विधानसभा क्षेत्र में बना हुआ है। लेकिन, क्लीनिक की इस स्थिति पर न तो मंत्री कुछ बोलते हैं और न ही दिल्ली सरकार।

लोगों में नाराजगी 
कर्दमपुरी के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि मोहल्ला क्लीनिक मधुशाला भी बन जाएंगे। क्लीनिक में शराब पीने आने वाले लोगों से स्थानीय लोग बहुत परेशान हैं। इस बारे में गोपाल राय से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। एक बार उनके सहयोगी ने फोन उठाया और पूरा मामला सुनने के बाद कहा कि मंत्रीजी मुख्यमंत्री के साथ बैठक में व्यस्त हैं।

असामाजिक तत्वों का ठिकाना
बिहारी कॉलोनी मेन रोड स्थित लोगों के इलाज के लिए मोहल्ला क्लीनिक बनाया गया है। सरकार द्वारा ठीक तरह से देखरेख न होने के कारण यह क्लीनिक असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। क्लीनिक की सुरक्षा न होने के कारण सामान चोरी हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार जनता का पैसा बर्बाद करने पर तुली है। एक मोहल्ला क्लीनिक बनाने पर 20 लाख रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।

खजूरी चौक के क्लीनिक के बाहर सजती है महफिल
खजूरी चौक स्थित मोहल्ला क्लीनिक असामाजिक तत्वों का केंद्र बन गया है। शराब की दुकान के सामने बने मोहल्ला क्लीनिक की हालत बदतर हो चुकी है। न वहां साफ-सफाई होती है न ही कोई देखरेख के लिए मौजूद है। खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। क्लीनिक के दरवाजे के आगे शराब की बोतलें पड़ी हैं। क्लीनिक में बिजली का मीटर, कुर्सी, टेबल, पंखे, एसी सभी सुविधाओं की व्यवस्था हो गई लेकिन डॉक्टर की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है। आम लोग डॉक्टरों का इंतजार ही करते रह गए और असमाजिक तत्वों ने यहां अपना डेरा जमा लिया है। ठीक यही हालत सबोली स्थित मोहल्ला क्लीनिक की है। वहां भी लोगों ने शराब पीने का अड्डा बना लिया है। कुछ लोग तो मोहल्ला क्लीनिक के पास अवैध पार्किंग चलाने लगे हैं।

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वर्जन
खजूरी के मोहल्ला क्लीनिक को शुरू करवाने के लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन वह यही जवाब देते हैं कि अभी डॉक्टरों की भर्ती नहीं हो पाई है। पूरी करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में जहां 12 क्लीनिक बनाए जाने थे, वहां केवल एक ही क्लीनिक बनाया गया है। उसमें भी पैसों की बर्बादी हुई है। - कपिल मिश्रा, पूर्व मंत्री व विधायक करावल नगर।

उपराज्यपाल से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण क्षेत्र में बने मोहल्ला क्लीनिक नहीं खुल पाए। हाल ही में बिहारी कॉलोनी स्थित क्लीनिक में चोरी भी हो गई। क्लीनिक की मरम्मत के लिए जल्द काम शुरू होगा। - राम निवास गोयल, अध्यक्ष दिल्ली विधानसभा व विधायक शाहदरा।