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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyber Crime: ई-मेल खोलने से पहले पढ़ लें यह जरूरी स्टोरी, SBI भी जारी कर चुका है अलर्ट

By JP YadavEdited By:
Published: Mon, 29 Jun 2020 11:30 AM (IST)Updated: Mon, 29 Jun 2020 12:38 PM (IST)

Cyber Crime ईमेल पर एक लिंक होता है जिस पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल फोन या लैपटाप में जासूसी करने वाला साफ्टवेयर डाउनलोड हो जाता है।

Cyber Crime: ई-मेल खोलने से पहले पढ़ लें यह जरूरी स्टोरी, SBI भी जारी कर चुका है अलर्ट
Cyber Crime: ई-मेल खोलने से पहले पढ़ लें यह जरूरी स्टोरी, SBI भी जारी कर चुका है अलर्ट

नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। Cyber Crime Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण में इजाफे के साथ साइबर क्राइम में भी तेजी से इजाफा हुआ है। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के बाद से दिल्ली के साथ एनसीआर में भी साइबर क्राइम की शिकायत में 90 फीसद से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इनमें भी 50 फीसदी से अधिक मामले वित्तीय धोखाधड़ी से संंबंधित हैं। इसको लेकर भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ट्वीट अपने उपभोक्ताओं को साइबर धोखाधड़ी को लेकर जानकारी साझा करने के साथ उन्हें आगाह भी कर चुका है। 

एसबीआइ ने ट्वीट कर कहा है कि हैकर्स दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद के लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है। एसबीआइ के मुताबिक, हैकर्स ने 20 लाख भारतीयों के ई-मेल एड्रेस भी हासिल कर लिए हैं और अब वे उन्‍हें फ्री कोरोना टेस्ट के नाम पर ई-मेल भेजकर उनकी व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

 बताया जा रहा है कि साइबर हमलावर कोरोना से जुड़े फिशिंग ईमेल के जरिये उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन, लैपटाप की ना केवल निगरानी करने की योजना बना रहे हैं बल्कि मौका मिलते ही आपकी जेब पर भी डाका डालने की जुगत में हैं।

ऐसे बना रहे निशाना

शातिर साइबर अपराधी फिशिंग ईमेल या स्मार्टफोन पर आने वाले लिंक वाले संदेश उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं। इन ईमेल पर एक लिंक होता है जिस पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल फोन या लैपटाप में जासूसी करने वाला साफ्टवेयर डाउनलोड हो जाता है। उपभोक्ता इस गड़बड़ी के प्रति बेखबर रहता है, क्योंकि उसे इसे बारे में कोई जानकारी ही नहीं होती है। ये साफ्टवेयर आपके ईमेल से लेकर कांटैक्ट नंबर तक पर निगरानी करते हैं। आपके मोबाइल में किसका मैसेज आया, किसको मैसेज भेजा। किसे क्या वाट्सएप कर रहे हैं, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट यहां तक की मोबाइल बैंकिंग के एप भी इनकी जद में आ जाते हैं।

इस तरह के ईमेल से रहें सावधान

  • ऐसे कोविड-19 ईमेल से सावधान रहें, जिनमें सब्जेक्ट की जगह लिखा हो
  • दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद में सभी नागरिकों के लिए कोविड-19 की जांच मुफ्त।
  • कोविड-19 सूचना व सहायता।
  • कोरोना के लक्षणों की चेकिंग।
  • फ्री पीपीई किट।
  • विनिग प्राइज।
  • रिवार्ड।
  • कैशबैक ऑफर।

बचाव के लिए यें करें

  • किसी भी संदिग्ध ईमेल या मैसेज ¨लक को ना खोलें।
  • एंटीवायरस और फायरवाल का इस्तेमाल करें।
  • ईमेल में लिंक या अटैचमेंट खोलने से पहले लिंक पर कर्सर ले जाकर चेक करें कि वेबसाइट का यूआरएल क्या है।
  • किसी अंजान वेबसाइट पर अपनी वित्तीय जानकारी ना दें।
  • वित्तीय लेनदेन के लिए कई चरणों वाली प्रणाली का चयन करें।
  • किसी भी अंजान व्यक्ति से मिले ¨लक पर क्लिक ना करें। अटैचमेंट तो बिल्कुल नहीं खोले।
  • इंटरनेट बैंकिग की सेवाएं ले रहे हैं तो एसएमएस अलर्ट लें, हर दो दिन में स्टेटमैंट चेक करें।

पवन दुग्गल (साइबर लॉ एक्सपर्ट) का कहना है कि साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। फिशिंग ईमेल, पहचान चोरी, ठगी पर बहुत फोकस रहा है। साइबर घटनाओं में 500 फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसमें क्राइम, हमले और साइबर ब्रिच आते हैं। भारत में लोगों को अब बहुत सावधान रहना होगा क्योंकि ये हमले और बढ़ेंगे। 

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