नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। दिल्ली पुलिस में हुए बड़े उलटफेर के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को दिल्‍ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। गुजरात काडर के आइपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को रिटायरमेंट से तीन दिन पहले यह जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। बता दें कि गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को मंगलवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया। गृह मंत्रालय (एमएचए) के आदेश के मुताबिक, फिलहाल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत अस्थाना तत्काल प्रभाव से दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालेंगे। गौरतलब है कि 1984 बैच के IPS अफसर राकेश अस्थाना अब तक बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स के डायरेक्टर जनरल थे। उन्हें पुलिस कमिश्नर बनाए जाने के बाद आईटीबीपी के डायरेक्टर जनरल एस.एस. देसवाल को बीएसएफ के डीजी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

1. तेज तर्रार अफसरों में गिने जाते हैं राकेश अस्थाना

गौरतलब है कि सीबीआइ और बीएसएफ के महानिदेशक रहे राकेश की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। उन्होंने 2002 के गोधरा दंगे और फिर 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट की भी जांच की। आसाराम बापू से जुड़े दुष्कर्म मामले की जांच में भी वह शामिल रहे थे।

2. लालू प्रसाद यादव से 6 घंटे की थी पूछताछ

बिहार में हुए चारा घोटाले की जांच सीबीआइ के एसपी रहते हुए उनके नेतृत्व में की गई थी। इस मामले की जांच के बाद अस्थाना ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ 1996 में चार्जशीट दायर की थी। 1997 में लालू पहली बार इस मामले में गिरफ्तार हुए थे। वहीं, सीबीआइ में रहते हुए राकेश अस्थाना बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े चारा घोटाले की वजह से पहली बार सुर्खियों में आए थे। वर्ष 1996 में उन्होंने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चारा घोटाले मामले में चार्जशीट दायर की थी। इस केस में उन्होंने वर्ष 1997 में लालू प्रसाद यादव से 6 घंटे पूछताछ की थी।

3. सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच भी चली राकेश की निगरानी में

राकेश अस्‍थाना काफी तेज-तर्रार अधिकारियों में गिने जाते हैं। बिहार के चारा घोटाले से जुड़े मामले की जांच में राकेश अस्थाना की अहम भूमिका रही। दरअसल, सीबीआइ एसपी रहते हुए चारा घोटाले की जांच उनकी अगुआई में की गई थी। राकेश अस्थाना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीजी अतिरिक्त प्रभार में भी रहे हैं। उनकी निगरानी में ही सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स केस की जांच शुरू हुई थी।

4. राकेश अस्थाना ने की थी गोधरा कांड की जांच

वर्ष 2002 में गुजरात के गोधरा में दंगा कांड की जांच भी अधिकारी राकेश अस्थाना ने की थी। बाद में इस जांच को सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने भी सही माना था। यह जांच आज भी सबसे सटीक मानी जाती है।

5. आसाराम के बेटे की गिरफ्तारी का दिया था आदेश

साल 2008 में हुए अहदमबाद बम ब्लास्ट, असाराम बापू और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ जांच में राकेश अस्थाना की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने उन्हें सुर्खियां दिलाई थीं। दरअसल, राकेश अस्थाना के रुख की वजह से ही आसाराम का बेटा नारायण साईं गिरफ्तार हुआ था।

6. अव्वल छात्रों में होती थी राकेश की गिनती

 9 जुलाई 1961 को रांची में जन्मे राकेश अस्थाना सीबीआइ में स्पेशल डायरेक्टर और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डायरेक्टर जनरल भी रह चुके हैं। राकेश अस्थाना ने बिहार के नेतरहाट विद्यालय (अब झारखंड में) से प्राथमिक शित्रा हासिल की।। कक्षा में उन्हें सबसे तेज छात्र माना जाता था। बकतवह सरदार वल्लभभाई पटेल को अपना आदर्श मानते थे। वह जब उच्च शिक्षा के लिए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहुंचे तब भी उनकी ऐसी ही छवि बनी रही। पहले ही प्रयास में राकेश ने संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास कर ली।

Edited By: Jp Yadav