नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ठंड से बचने के लिए डॉक्टर इन दिनों लोगों को सुबह में सैर-सपाटे व व्यायाम नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। लोग भी सुबह में सैर-सपाटे के लिए निकलने से बच रहे हैं। लेकिन यह देखा गया है कि सर्दी में लोग अक्सर भोजन अधिक करते हैं।

डॉक्टर कहते हैं कि सर्दी में व्यायाम व शारीरिक सक्रियता कम और भोजन अधिक करना भी बीमारियों को बुलावा देने जैसा है। खासतौर पर मधुमेह, ब्लड प्रेशर व हृदय की बीमारियों से पीड़ित लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसलिए उन्हें खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। भोजन अधिक करने से मधुमेह व ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।

भोजन अधिक करने पर होता है ये नुकसान

आरएमएल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि यह मौसम मधुमेह, ब्लड प्रेशर व हृदय के पुराने मरीजों के लिए मुसीबत भरा है। क्योंकि इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्रतिदिन टहलना व व्यायाम करना जरूरी होता है। इससे शरीर में शुगर व कॉलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। सर्दी में शारीरिक सक्रियता कम होने व भोजन अधिक करने पर शुगर व कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है। इस वजह से मधुमेह, ब्लड प्रेशर व हृदय के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए दिन में ठंड कम होने व धूप निकलने पर टहलना व व्यायाम करना जरूरी है।

डॉ. तरुण ने कहा कि ठंड के मौसम में अस्पताल में हार्ट अटैक के मरीज करीब 10 फीसद तक बढ़ जाते हैं। क्योंकि तापमान काफी कम होने पर शरीर की धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। साथ ही रक्त थक्का होने की क्षमता बढ़ जाती है। इस वजह से हार्ट अटैक का खतरा रहता है।

रात 12 बजे से सुबह छह बजे के बीच का समय संवेदनशील 

सफदरजंग अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रीति गुप्ता ने कहा कि रात 12 बजे से सुबह छह बजे के बीच का समय बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान ही हार्ट अटैक अधिक होता है। क्योंकि सोकर जगने के बाद कोई काम करने पर अचानक शरीर की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में हृदय रक्त संचार प्रभावित होने व ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए सुबह में इन दिनों सैर-सपाटा नहीं करना चाहिए। लोगों को धूप निकलने पर सैर व व्यायाम जरूर करना चाहिए।

डॉ. प्रीति गुप्ता ने कहा कि हृदय के पुराने मरीजों को इस मौसम में निमोनिया का संक्रमण होने का भी खतरा रहता है। इसलिए ऐसे मरीजों को निमोनिया से बचाव के लिए टीका लगाने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर कहते हैं कि बुजुर्गों को भी ठंड के मौसम में निमोनिया व फ्लू होने का खतरा रहता है। उनको भी टीका लगवाना चाहिए।

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Posted By: Mangal Yadav

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