नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली के साथ देशभर के लोगों को दहला देने वाले बुराड़ी फांसीकांड का पूरा एक महीना हो चुका है, लेकिन जांच में जुटी पुलिस अब भी कई सवालों को नहीं सुलझा पाई है। हालांकि, कहा तो यही जा रहा है कि पुलिस की जांच अपने आखिरी चरण में है, लेकिन उसे कई सवालों के जवाब भाटिया परिवार के बाकी बचे दो सदस्यों को भी देने हैं, जिन्होंने पुलिस जांच पर कई बार सवाल उठाए हैं। घटनाक्रम में कई लिंक अब भी मिसिंग ही हैं।

सवाल-1

दिल्ली के बुराड़ी में हुए 11 मौतों के मामले में  पुलिस जांच के दौरान मिले रजिस्टर से एक अहम खुलासा हुआ था। घर से बरामद रजिस्टर में लिखी बातों पता चला था कि ललित अपने पिता के अलावा चार अन्य लोगों की आत्मा को मुक्ति दिलाना चहता था। ऐसा अंदेशा है कि घटना वाली रात इसीलिए भी इस क्रिया की तैयारी की गई थी। रजिस्टर के नोट में यह भी लिखा है कि ललित के पिता के पिता की आत्मा के साथ अन्य चार आत्मा भी मोक्ष के लिए भटक रहीं हैं। इन्हें तभी मोक्ष मिलेगा जब तुम सब हरिद्वार जाकर इनका धार्मिक संस्कार करोगे। नोट में यह चार आत्माएं सज्जन सिंह, हीरा, गंगा देवी व दयानंद की बताई गई है। सज्जन सिंह ललित की पत्नी टीना के पिता हैं। हीरा ललित की बहन प्रतिभा के पति हैं। नोट 19 जुलाई 2015 को लिखा गया है। पुलिस अब तक यह नहीं पता लगा पाई है कि ये चार लोग कौन थे?

सवाल-2

बच्चा हो, जवान या फिर बूढ़ा हर कोई किसी न किसी से अपनी बातें जरूर शेयर करता है, लेकिन पुलिस जांच में अब तक यह नहीं बता चला है कि इन्होंने तथाकथित मोक्ष अनुष्ठान की बातें किसी को बताई हों। मनोचिकित्सक भी मानते हैं कि यह असंभव है कि परिवार के 11 सदस्यों में से किसी ने भी अपने खास को यह बात नहीं बताई हो। इनमें तो तो किशोर थे। 

सवाल-3

भाटिया परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था। लोगों को बिल्कुल भी नहीं होता कि सामान्य सा दिखने वाला परिवार एक दिन ऐसा कदम उठा लेगा। लोगों का मानना है कि परिवार के लोग ऐसे नहीं थे। खासकर प्रियंका जिसकी कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी और इस दौरान अपने रिश्तेदारों के साथ वह भी नाची थी। यह सवाल भी हैरान और परेशान कर रहा है कि शादी की तैयारी में जुटी प्रियंका आखिर कैसे मौत को गले लगा सकती है या फिर कैसे ललित के कहने पर इतना बड़ा कदम उठा सकती थी?

सवाल-4

पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या करने वाली प्रतिभा के गले पर कटे के निशान थे। परिवारवालों का दावा था कि जिस प्रकार नारायणी देवी का शव मिला उससे लगता है कि उनका गला बेल्‍ट से दबाया गया जबकि प्रतिभा के गले पर कटे का निशान था। ऐसा लगता है कि उसका पहले गला काटा गया फिर फंदे में लटका दिया गया। हालांकि, पुलिस ने पोस्टमार्टम के आधार पर कहा था कि प्रतिभा ने भी फांसी ही लगाई थी। यह सवाल परिवार के अब भी सवाल ही बना हुआ है।

सवाल-5
परिवार ने यह भी दावा किया था कि ललित का हाथ जिस रस्‍सी से बंधा था वह ढीली थी। परिवार के सदस्‍यों ने  अंत्‍येष्टि की रस्‍म पूरी करने के बाद दिल्‍ली पुलिस के वरिष्‍ठ अफसरों से मुलाकात भी थी, लेकिन इसका जवाब अब भी नहीं मिला है।

सवाल-6

परिवार के बचे सदस्‍यों के मुताबिक, जब परिवार के लोगों ने 2.5 फुट के स्‍टूल पर खड़े होकर फांसी लगाई तो फिर उनका शरीर जमीन पर कैसे पहुंच गया? परिवार ने देवी के शरीर पर बंधे तार व बेल्‍ट के फिंगरप्रिंट चेक करने को भी कहा था, लेकिन यह सवाल अब भी कायम है।

सवाल-7

परिवार के सदस्यों ने इस बात की भी जांच के लिए कहा था कि हादसे के दौरान किसने कुत्‍ते को छत पर बांधा था, क्‍योंकि वह ज्‍यादातर कमरे में रहता था। उस रात 2 बजे से 4 बजे के बीच बिजली गई थी, परिवार को यह साजिश लग रही थी। सीसीटीवी का कनेक्‍शन भी दो दिन पहले काट दिया गया। इसका जवाब पुलिस नहीं दे पाई है।

सवाल-8

दिल्ली पुलिस बुराड़ी हाउस में 12वें व्यक्ति की उपस्थिति की संभावना की जांच कर रही है। घटना के बाद घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। जिसे लेकर एक जांच अधिकारी ने कहा था कि मुख्य दरवाजा खुला होने का 2 कारण हो सकता है। पहला कि मृतकों को लगता था कि मोक्ष प्राप्ती के समय घर का मुख्य दरवाजा खुला होना चाहिए, जिससे महाशक्ति घर के मुख्य द्वार से अंदर आ सके और वो इन्हें मोक्ष की ओर ले जाए। इसके अलावा दूसरा कि घटना के समय घर में एक 12वां व्यक्ति भी मौजूद था।

इस घटना के संदर्भ में मिले 11 रजिस्टर और 200 पेज पर लिखी बातें सामूहिक आत्महत्या की थ्योरी की ओर ही इशारा कर रही हैं। जांच कर रही क्राइम ब्रांच के सूत्रों की मानें तो कमरे में से एक से हाथों से लिखा हुआ 2007 का एक रजिस्टर बरामद हुआ था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, रजिस्टर में जिस तरह की बातें लिखी हुई है उससे लग रहा है कि ललित व उसकी पत्नी टीना ने ही सभी लोगों की जान ली है, जिसे बरगद (बड़) पूजा का बहाने एक अनुष्ठान का नाम दिया गया था। पुलिस को मिले तीसरे रजिस्टर में ललित खुद स्वीकार रहा है कि मन में धारणा आती थी कि घर के काम क्यों नहीं हो रहे हैं। काम में रुकावट आ रही है। घर के लोग प्रायश्यित नहीं करते। घर में इतनी ईश्वरी शक्ति है कि पुरानी दुकान नहीं हो जाएगी।

क्राइम ब्रांच के सीनियर अफ़सरों के मुताबिक, ललित अपने पूरे परिवार के साथ रोज़ाना दिन में तीन बार घर में ही एक विशेष पूजा करता था। ये पूजा सुबह 8 बजे, दोपहर 12 बजे और फिर रात 10 बजे होती थी. लंबे अरसे से घर में ये पूजा हो रही थी। पूरा परिवार ललित का अनुशरण करता था।

आपको बता दें कि मृतकों की पहचान नारायण देवी (77), उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो बेटे भावनेश (50) और ललित भाटिया (45) के रूप में हुई थी। भावनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे मीनू (23), निधि (25) और ध्रुव (15), ललित भाटिया की पत्नी टीना (42) और उनका 15 वर्ष का बेटा शिवम , प्रतिभा की बेटी प्रियंका (33) भी मृत मिले. प्रियंका की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और इस साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी।

Posted By: JP Yadav

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