नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर अपने बयान से दिल्ली पुलिस और खुफिया तंत्र की मुश्किलें बढ़ा दी है। 26 जनवरी 2021 की राजधानी की सड़कों पर किसानों के ट्रैक्टर का उपद्रव पुरी दुनिया ने देखा उसके बाद किसानों ने लाल किले की प्राचीर पर जो किया वो भी किसी से छिपा नहीं रहा। अब एक बार फिर राकेश टिकैत ने गाजीपुर बार्डर से बैरिकेड हटाए जाने के दौरान कहा कि जब ये बैरिकेड हटा दिए जाएंगे तो फिर किसानों का ट्रैक्टर पहले दिल्ली जाएगा। किसान अपनी फसल को बेचने के लिए पार्लियामेंट जाएंगे। उनके इस बयान के बाद दिल्ली पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई है।

मालूम हो कि बृहस्पतिवार से टीकरी बार्डर से बैरिकेड हटाने का काम शुरू हुआ है, उसके बाद शुक्रवार की सुबह बड़े पैमाने पर गाजीपुर बार्डर से भी दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड हटाने का काम शुरू कर दिया। इसी मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत गाजीपुर बार्डर पर पहुंचे थे, जब मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि बैरिकेड हट जाने पर वो क्या करेंगे तो टिकैत ने जवाब दिया कि वो लोग अपनी फसल को बेचने के लिए पार्लियामेंट जाएंगे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि किसान कहीं भी जाकर अपनी फसल को बेच सकता है तो वो लोग अपनी फसल को लेकर वहां जाएंगे।

इसके बाद उन्होंने फिर कहा कि बैरिकेड हट जाने के बाद सबसे पहले उनके ट्रैक्टर दिल्ली का रुख करेंगे। ट्रैक्टर पहले दिल्ली जाएंगे। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर से दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं कि बैरिकेड हट जाने के बाद कहीं फिर से 26 जनवरी की तरह दिल्लीकी सड़कों पर ट्रैक्टर के साथ उपद्रव करने के लिए न पहुंच जाएं। हालांकि अभी सभी सीमाओं पर लगाए गए इन बैरिकेडों को हटाने में एक से दो दिन का समय लग जाएगा उसके बाद ही इन सड़कों पर यातायात सामान्य हो पाएगा।

इससे पहले उन्होंने एक ट्वीट किया था जिसमें कहा था कि देश का अन्नदाता पिछले 11 महीने से लगातार सडक़ों पर बैठकर अपने हक को मांग रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार हठधर्मिता अपनाते हुए तानाशाही कर रही है और देश के अन्नदाताओं पर जुल्म पर जुल्म कर रही है। गरीबों की रोटी पर भी पूंजीपतियों का कब्जा हो गया है।


Edited By: Vinay Kumar Tiwari