सोनीपत [संजय निधि]। कृषि कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर कुंडली बार्डर पर जीटी रोड के एक तरफ का रास्ता खुलवाने के लिए रविवार को आयोजित हाई पावर कमेटी की बैठक में एक भी प्रदर्शनकारी नहीं पहुंचे। इस वजह से रोड खोलने को लेकर कोई समाधान नहीं निकल पाया। दूसरी ओर, जीटी रोड बंद होने से प्रभावित सभी औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने बैठक में पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। कमेटी के प्रमुख गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजीव अरोड़ा ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक ही बैठक रखी गई थी। जरूरत पड़ी तो कमेटी बार्डर पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि आगे भी बैठकों का दौर जारी रहेगा। बैठक में पहुंचे उद्योगपतियों ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार जीटी रोड बंद होने के कारण अब तक उद्योगों का करीब 50 हजार करोड़ रुपए का नुक्सान हो चुका है। 

दस माह से बंद है जीटी रोड पर आवागमन

कुंडली बार्डर पर करीब 10 माह से कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है, जिसके कारण बार्डर बंद है और जीटी रोड के जरिये दिल्ली आवागमन पूरी तरह से रुका हुआ है। इसको लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को आ रही परेशानी के चलते सरकार को मार्ग खुलवाने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार सरकार ने एसीएस राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी का गठन किया था।

40 से ज्यादा किसान नेता को भेजा गया था न्योता

कमेटी ने रविवार को मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के सभागार में बैठक आयोजित कर संयुक्त मोर्चा के 40 से ज्यादा किसान नेताओं को न्योता भेजा था, लेकिन एक दिन पहले ही मोर्चा ने बैठक कर कमेटी की बैठक में नहीं जाने का ऐलान कर दिया था। इधर, कमेटी ने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बैठक की, जिसमें प्रदर्शनकारी नहीं पहुंचे लेकिन राई, कुंडली, बड़ी, मुरथल के अलावा बहादुगढ़ से भी औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पहुंचकर अपनी समस्या रखी। बैठक में पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल, एडीजीपी संदीप खिरवार, विशेष सचिव बलकार सिंह, कमिश्नर पंकज यादव, सोनीपत के उपायुक्त ललित सिवाच, झज्जर के उपायुक्त श्याम लाल पूनिया, पुलिस अधीक्षक सोनीपत जशनदीप रंधावा आदि मौजूद रहे।

नुकसान की पूरी रिपोर्ट दी

कुंडली औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन से नीरज चौधरी ने बताया कि कमेटी के साथ बैठक में नुकसान की पूरी रिपोर्ट दी गई है। सोनीपत जिले में पांच हजार से औद्यागिक इकाइयां हैं, जो 50 फीसद तक नुकसान में चल रही है। बहुत सी फैक्ट्रियां तो यहां से पलायन भी कर चुकी हैं। राई औद्योगिक एसोसिएशन के प्रमुख राकेश देवगन ने बताया कि कुंडली बार्डर पर किसानों के धरने के कारण अब तक 50 हजार करोड़ का नुक्सान हो चुका है। उन्होंने बताया कि कमेटी के सामने यह मांग भी रखी गई है कि वैकल्पिक रास्ते खोले जाएं।

वैकल्पिक रास्तों को दुरुस्त करने की मांग

एसीएस अरोड़ा ने कहा कि उद्योगपतियों ने समस्या के वैकल्पिक समाधान भी सुझाए हैं, जिनमें विशेष रूप से कुछ सड़क मार्गों को दुरुस्त करने की मांग रखी गई है। इसे देखते हुए वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत के लिए पूर्ण ब्योरा मांगा गया है। सरकार लोगों की समस्याओं के प्रति पूर्ण रूप से गंभीर है। इसलिए समाधान के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

Edited By: Prateek Kumar