नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली को भिखारी मुक्त बनाने के लिए समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को पायलट प्रोजेक्ट के तहत मध्य जिले में दो प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्रों का शुभारंभ किया, जहां भिखारियों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे पहले समाज कल्याण विभाग ने राजधानी में भिक्षावृत्ति में लगे लोगों का सर्वे किया, जिनका पीईएबी (प्रोफेशनल एंड एजूकेशनल एक्टिविटी बोर्ड) के तहत पुनर्वास किया जाएगा।

इस सर्वे में दिल्ली में 20719 भिखारियों की पहचान हुई है, जिसमें 10,987 पुरुष और 9,541 महिलाएं शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि भिखारियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग ने सोमवार को भीख मांगकर अपना गुजरा करने वाले लोगों की सर्वे रिपोर्ट पेश की। फरवरी माह में मानव विकास संस्थान (आइएचडी) के सहयोग से भीख मांगने के अधिनियम के तहत दिल्ली में भीख मांगने में लगे लोगों की पहचान करने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू किया था।

सर्वेक्षण में पाया गया कि सभी 11 जिलों में भीख मांग रहे लोगों में 53 फीसद पुरुष, 46 फीसद महिलाएं और एक फीसद यानि 191 ट्रांसजेंडर हैं। भिखारियों की सबसे अधिक संख्या पूर्वी दिल्ली में पाई गई, जहां करीब 2797 लोग भीख मांगने के काम में लगे पाए गए।सोमवार को शुरू हुए दोनों केंद्रों में से एक आश्रय गृह कटरा मौला बक्स, रोशनारा रोड पर और आश्रय गृह (डूसिब नाइट शेल्टर), खारिया मोहल्ला, रोशनारा रोड पर क्रमश: पुरुष और महिला भिखारियों के पुनर्वास के लिए खोला गया गया है।

दोनों केंद्रों पर आजीविका आधारित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के लिए दो संगठनों को जिम्मेदारी दी गई है। एक संगठन को महिलाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण (जैम, जेली और अचार) का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए खारिया मोहल्ला में आश्रय गृह आवंटित किया गया है। वहीं, आश्रय अधिकार अभियान को कटरा मौला बक्स, रोशनारा रोड पर आश्रय गृह आवंटित किया गया, जिसमें पुरुषों के लिए वाल पेंटिंग, मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया गया था। एक बैच को यह प्रशिक्षण तीन महीने तक दिया जाएगा।

इस पायलट प्रोजेक्ट से प्राप्त अनुभवों को एमओएस एजेएंडई, गृह, दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डब्ल्यूसीडी, डुसिब, डीसीडब्ल्यू, डीसीपीसीआर, निषेध निदेशालय, राजस्व विभाग, आइएचबीएएस, कमजोर समूहों के साथ काम करने के क्षेत्र में सक्रिय समुदाय आधारित संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों के सहयोग से दिल्ली के सभी जिलों में दोहराया जाएगा।

Edited By: Mangal Yadav