यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जल्द शुरू होगी कड़कड़डूमा टीओडी प्रोजेक्ट में बुकिंग, 1500 फ्लैट्स की होनी है बिक्री; 2026 तक पूरा होने की उम्मीद
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की कड़कड़डूमा स्थित ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) परियोजना की बुकिंग जल्द शुरू होने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

HighLights
- कड़कड़डूमा टीओडी परियोजना बुकिंग जल्द |
- 2026 तक परियोजना पूरी होने की उम्मीद |
- 500 ईडब्ल्यूएस, 1000 मध्यम वर्ग फ्लैट |
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की अति महत्वाकांक्षी कड़कड़डूमा स्थित पहली ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) परियोजना के लिए बुकिंग जल्द ही शुरू हो सकती है। हालांकि इस परियोजना के पूरी होने की डेडलाइन दिसंबर 2026 रखी गई है।
एलजी और डीडीए के अध्यक्ष वीके सक्सेना ने जागरण से बातचीत में बताया कि इस परियोजना के दो टावर लगभग तैयार हो चुके हैं जबकि दो अन्य का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। ऐसे में अगले एक डेढ़ माह में यहां कोई गतिविधि शुरू की जा सकती है।
डीडीए अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के तहत आवासीय क्षेत्र में मुख्य रूप से 500 ईडब्ल्यूएस जबकि लगभग 1,000 मध्यम आय वर्ग के फ्लैट शामिल हैं। फिलहाल स्टूडियो अपार्टमेंट का कोई प्रावधान नहीं है।
अन्य आवासीय टावरों का निर्माण भी प्रगति पर जारी है। अधिकारी ने कहा, "निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं और फिनिशिंग, आंतरिक सेवाओं, भूनिर्माण तथा वैधानिक मंजूरियों से संबंधित शेष कार्य जारी हैं।"
डीडीए का दावा है कि परियोजना तय समयानुसार आगे बढ़ रही है, जबकि एलजी ने अप्रैल में संकेत दिया था कि यह एक साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगी। इससे पहले डीडीए ने कहा था कि फरवरी 2024 से ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की बुकिंग शुरू कर सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था।
एक अन्य अधिकारी ने बताया, "कड़कड़डूमा परियोजना में ऊंची इमारतों वाले आवासीय परिसर, वाणिज्यिक एवं कार्यालय स्थल तथा सार्वजनिक उपयोगिताएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। यहां वाहनों के उपयोग को कम करने और शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए बहु-माडल सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं तक आसान पहुंच होगी।"
इस परियोजना का मुख्य आकर्षण 30 प्रतिशत हरित क्षेत्र है जिसमें बहुउद्देशीय मैदान, ओपन जिम, लैंडस्केप आदि का भी प्रविधान है।
2021 में शुरू हुआ था काम
एनबीसीसी और डीडीए ने इस परियोजना के लिए 2015 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। 2019 में टीओडी नीति को ध्यान में रखते हुए समझौता ज्ञापन की शर्तों में संशोधन किया गया। परियोजना पर काम सितंबर 2021 में शुरू हुआ।
पीपीपी मॉडल पर किया जा रहा विकसित
डीडीए की इस महत्वपूर्ण परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) द्वारा विकसित किया जा रहा है।
1,168 करोड़ की लागत से 29.60 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में आवासीय और वाणिज्यिक घटकों सहित 7.82 हेक्टेयर हरे क्षेत्र का मिश्रित उपयोग होगा। यहां स्कूल, औषधालय, लाइब्रेरी, सांस्कृतिक केंद्र, सामुदायिक हाल, खरीदारी की सुविधा, सामुदायिक स्थान, क्रेच इत्सादि विभिन्न सुविधाएं भी होंगी।
बनेगा 161 मीटर ऊंचा टावर
60 एकड़ की जगह पर कड़कड़डूमा और आनंद विहार इंटरचेंज स्टेशनों के पास तैयार होने वाली इस परियोजना में 30 आवासीय और कमर्शियल इमारतें बनेंगी। इसमें सबसे ऊंची इमारत 48 मंजिला या 161 मीटर ऊंची होगी। परियोजना के पहले चरण में चार टावर आएंगे।
