नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। दंगे के दो मामलों में मुख्य आरोपित एवं आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद रहे ताहिर हुसैन समेत 13 आरोपितों पर समुदायों के बीच सांप्रदायिक शत्रुता और अफवाह फैलाने के आरोप को लेकर दायर पूरक आरोपपत्र पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। मुख्य महानगर दंडाधिकारी शिरीष अग्रवाल के कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस पूरक आरोपपत्र की प्रति सभी आरोपितों को मुहैया करा दी जाए।25 फरवरी 2020 को खजूरी खास इलाके के मुख्य करावल नगर रोड ई-ब्लाक में दंगाइयों ने करन नामक व्यक्ति के ई-रिक्शा गोदाम को लूटपाट के बाद आग के हवाले कर दिया था।

इस मामले में सेशन कोर्ट ने बीती छह मई को ताहिर हुसैन, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम और शोएब आलम उर्फ बाबी के खिलाफ आगजनी, दंगा करने, गैर कानूनी समूह में शामिल होने, डकैती डालने समेत कई आरोप तय किए थे। सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी न मिलने की वजह से भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (समुदायों के बीच सांप्रदायिक शत्रुता फैलाने) और 505 (अफवाह फैलाना) के तहत आरोप तय नहीं हुए थे। अब अभियोजन पक्ष ने इन दोनों धाराओं के लिए सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेकर पूरक पत्र दायर किया, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।

इसी तरह दयालपुर इलाके में मूंगा रोड पर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के मामले में भी ताहिर समेत आठ लोगों के खिलाफ इन्हीं दोनों आरोपों पर सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेकर अभियोजन पक्ष ने पूरक पत्र दायर किया था। उस पर भी कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। बता दें कि दंगे में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ताहिर हुसैन को निलंबित कर चुकी है। वह दो साल से ज्यादा वक्त से जेल में है और उस पर दंगे से जुड़े 12 मामले चल रहे हैं।

Edited By: Pradeep Chauhan