नई दिल्ली ]संतोष कुमार सिंह]। बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने वाले यात्रियों से अच्छा खासा जुर्माना वसूला जाता है। बावजूद इसके यात्री बिना टिकट यात्रा करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। दरअसल कोरोना संक्रमण की वजह से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। इसकी परवाह किए बगैर कई लोग बिना टिकट लिए या प्रतीक्षा सूची का टिकट लेकर ट्रेन में सवार हो जाते हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा होने के साथ ही अन्य रेल यात्रियों को असुविधा होती है। इन्हें रोकने के लिए उत्तर रेलवे सख्त कदम उठा रहा है।

यही कारण है कि इस वित्त वर्ष में अबतक ऐसे यात्रियों से एक सौ करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया है, यह राशि कोरोना संकट से पहले के वर्षों से ज्यादा है। सबसे ज्यादा जुर्माना अंबाला मंडल में वसूला गया है।

नवंबर में दिल्ली मंडल में वसूला गया सर्वाधिक जुर्माना

दशहरा, दीपावली व छठ पूजा के दौरान बिना टिकट यात्रियों की संख्या ज्यादा देखने को मिल रही थी। दिल्ली मंडल में नवंबर में बिना टिकट 1.42 करोड़ यात्री पकड़े गए और उनसे 8.01 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है। यह एक माह में सबसे ज्यादा है। मंडल रेल प्रबंधक डिंपी गर्ग का कहना है कि टिकट जांच गतिविधियों द्वारा अवांछित यात्रियों पर रोक लगाते हुए अधिकृत यात्रियों की यात्रा को और अधिक सुगम व सुरक्षित बनाया जा सकता है।

जुर्माना के साथ हो सकती है जेल की सजा

बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर यात्री पर न्यूनतम ढाई सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक जुर्माना या जेल की सजा या दोनों हो सकता है। इसके साथ ही उससे ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन से बिना टिकट पकड़े जाने वाले स्थान या आगे जिस स्टेशन तक सफर करना हैं वहां तक का किराया भी देना पड़ता है।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने कहा कि बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ गहन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें शामिल रेल कर्मचारियों के प्रयास उत्तर रेलवे को एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला। भविष्य में भी अभियान चलाया जाएगा।

उत्तर रेलवे में बिना टिकट यात्रियों से वसूला गया जुर्माना

वर्ष        वसूला गया जुर्माना

2018-19     62.77

2019-20   77.3014

2020-21   10065.14

Edited By: Mangal Yadav