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    आग से सुरक्षा की अनदेखी लील रही है जिंदगी, होना होगा जागरूक

    By Amit MishraEdited By:
    Updated: Wed, 18 Apr 2018 07:39 PM (IST)

    अप्रैल में विभिन्न जगहों पर लगी आग की सात घटनाओं में 15 लोगों की असमय जान चली गई। दमकल अधिकारियों का कहना है कि लोगों को आग से बचाव के लिए जागरूक होना होगा।

    आग से सुरक्षा की अनदेखी लील रही है जिंदगी, होना होगा जागरूक

    नई दिल्ली [संतोष शर्मा]। राजधानी में आग से सुरक्षा की अनदेखी लोगों की जिंदगी लील रही है। स्थिति यह है कि अप्रैल में मात्र 13 दिनों में विभिन्न जगहों पर लगी आग की सात घटनाओं में 15 लोगों की असमय जान चली गई। दमकल अधिकारी भी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ने से चितिंत हैं।

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    आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं

    दरअसल, जिन फैक्ट्रियों में आग की घटनाएं हुईं, वहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। वहीं आवासीय परिसर में सभी नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक कार्य किए जा रहे थे इसीलिए आग ने तुरंत भयावह रूप ले लिया। दमकल अधिकारियों का कहना है कि लोगों को आग से बचाव के लिए जागरूक होना होगा।

    कई इलाकों में लगी आग 

    दरअसल, गत दिनों बाहरी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों में आग लगने की कई घटनाएं घटीं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। वहीं, चांदनी चौक के कूचा महाजनी स्थित सर्राफ की दुकान में आग लगने से भी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पश्चिमी दिल्ली के नवादा में सोमवार रात रिहायशी इलाके में चल रही क्रॉकरी का सामान बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई।

    15 लोगों की मौत

    स्थिति यह है कि गत 4 अप्रैल से 16 अप्रैल के बीच दिल्ली में आग की घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई के घायल होने के अलावा लाखों की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। दमकल अधिकारियों के मुताबिक, नवादा में जिस स्थान पर आग लगी थी वहां जाने वाले रास्ते पर ज्वलनशील सामान रखा था। लिहाजा, कमरे में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

    126 आग की कॉल आईं

    अप्रैल के गत 13 दिनों में ही विभाग के कंट्रोल रूम में आग लगने की 1064 कॉल आ चुकी हैं। इस महीने की छह तारीख को अधिकतम 126 आग की कॉल आईं। वहीं, औसतन कॉल की संख्या 100 के करीब रही जबकि सामान्य दिनों में आने वाली कॉल का औसत 60 है।

    शॉर्ट सर्किट से लगी आग 

    दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग का कहना है कि जिन स्थानों पर घटनाएं हुई हैं, वहां आग से बचाव के उपाय नहीं थे। अवैध तरीके से चल रही फैक्ट्रियों और मकान में प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। ज्यादातर जगहों पर शॉर्ट सर्किट से आग लगी।

    लोगों को जागरूक होना होगा

    दरअसल, लोग पुरानी फैक्ट्रियों और मकान में क्षमता से बहुत ज्यादा के बिजली उपकरण लगा लेते हैं। बिजली का लोड ज्यादा होने और पुराने वायरिंग के कारण शार्ट सर्किट से आग लग जाती है। अक्सर लोग इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल चीजों के समीप ही ज्वलनशील पदार्थ रखते हैं, जिससे आग तुरंत भड़क जाती है। इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा।

    13 दिनों में आग की घटनाएं व मौतें

    4 अप्रैल- स्वरूप नगर में सिलेंडर विस्फोट की आग से एक व्यक्ति की मौत

    7 अप्रैल- भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री में आग से दो लोग की मौत

    8 अप्रैल- सरिता विहार स्थित कैंडल की दुकान में आग से एक बुजुर्ग मरे

    9 अप्रैल- सुल्तानपुरी स्थित जूते की फैक्ट्री में आग से चार की मौत

    9 अप्रैल- चांदनी चौक के कूचा महाजनी स्थित सर्राफ की दुकान में आग से एक की मौत

    13 अप्रैल- कोहाट एंक्लेव में बिल्डिंग में आग से एक ही परिवार के चार लोग मरे

    16 अप्रैल- नवादा गांव स्थित क्रॉकरी की फैक्ट्री में आग से दो की मौत

    यह भी पढ़ें: एक्शन प्लान तैयारः पराली से बनेगी बिजली, अब सर्दियों में नहीं घुटेगा दिल्ली-NCR का दम

    गत वर्षो में आग से हुईं मौतें

    वर्ष---- कॉल-- मौत-- घायल

    2017-18 - 29423- 318 - 1767 2016-17 - 30285- 277- 1987

    2015-16 - 27083- 339- 2099 2014-15 - 23242- 291- 2068

    2013-14 - 22726- 372- 2299 2012-13 - 22786- 285- 1979