Delhi News: किराड़ी इलाके में होलिका दहन के बाद कमरे में सोने गया था युवक, सुबह मिला शव
Kirari Man Burnt Alive दिल्ली के किराड़ी इलाके में होली के बाद एक दर्दनाक हादसा हुआ। रतन विहार में रहने वाले 25 वर्षीय मनदीप खत्री की अपने कमरे में आग लगने से जलकर मौत हो गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना से पूरे परिवार में मातम का माहौल है।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। किराड़ी स्थित रतन विहार में होलिका दहन के बाद अपने कमरे में सो रहे युवक की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। कमरे में रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। तड़के कमरे से उठता धुआं देख इसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को मिली। पीड़ित परिवार ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस और दमकल को दी।
मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में रखवा दिया है। आग के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। राजपार्क थाना पुुलिस इस मामले में पीड़ित परिवार से पूछताछ कर आग के कारणों का पता लगा रही है।
परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई और एक बहन
जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय मनदीप खत्री परिवार के साथ रतन विहार में रहते थे। परिवार में माता-पिता और एक बड़ा भाई और एक बहन है। बृहस्पतिवार की देर रात अपने दोस्तों के साथ होलिका दहन के शामिल हुए थे।
रात करीब 1:30 बजे अपने वाट्सएप पर स्टेटस लगाने के बाद अपने घर की पहली मंजिल पर सोने चले गए थे। तड़के घर की बिजली अचानक जाने से भूतल पर सो रहे परिवार के अन्य सदस्य बाहर आए। देखा कि उनके घर की पहली मंजिल से धुआं उठ रहा है।
मृतक की फाइल फोटो।
ऊपर जाने पर पता चला कि मंदीप के ही कमरे से धुआं उठ रहा है। कमरे का गेट अंदर से बंद मिला। किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो युवक पूरी तरह जल चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम व फारंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए हैं।
होली के दिन घर में छाया मातम का माहौल
इस घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम का माहौल छा गया। माता-पिता व बड़ा भाई और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने कहा कि कल ही मंजीत होली खेलने के लिए गुलाल व अन्य सामान लेकर घर आया था। होली खेलने से पहले ही मंदीप उन्हें छोड़कर चला गया। पड़ोसी सुरेश त्रिपाठी ने बताया कि मंदीप खत्री मिलनसार और होनहार थे।
आते-जाते हमेशा मिलते और अपने से बड़ों का आदर करते थे। त्रिपाठी ने कहा कि कल रात 12 बजे तक मंजीत हमारे साथ ही होलिका दहन में शामिल हुआ, आज तड़के पता चला कि वह अब हमारे बीच नहीं रहा। यह सुनकर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि अब मंदीप की मौत हो चुकी है।
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