नई दिल्ली, [धनंजय मिश्रा]। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लोगों की मदद के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी ओर से पूरी ताकत लगा दी है। अस्पतालों में आक्सीजन मुहैया कराने के साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को दवा व भोजन आदि पुलिस की ओर से लगातार मुहैया कराया गया है। चिकित्सा उपकरण और दवाओं की कालाबाजारी करने वाले आपदा के असुरों पर भी पुलिस लगातार कार्रवाई कर लगाम लगा रही है। अब दिल्ली पुलिस कोरोना संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा दिलाने के लिए जुट गई है। पुलिस की ओर से 24 अप्रैल को जीवन रक्षक नाम से डिजिटल प्लाज्मा डाटा बैंक शुरू किया गया।

इस का उद्देश्य यह है कि एक ही स्थान पर प्लाज्मा देने वाले और प्लाज्मा की जरूरत वाले मिल सकें। इसके लिए दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट होम पेज पर 'डोनेट प्लाज्मा सेव लीव' नाम के लिंक पर क्लिक करते ही नया पेज खुलेगा। उस पेज पर दो विकल्प आएंगे। पहला प्लाज्मा दान करने वालों के लिए, जबकि जिन्हें प्लाज्मा की जरूरत है उनके लिए दूसरा विकल्प होगा। विकल्प चुनने के बाद एक फार्म खुलेगा, जिसमें डोनर या मरीज को अपनी जानकारी देनी होगी।

इससे जो डाटा तैयार होगा, उसे पुलिस की टीम देखती है और प्लाज्मा की जरूरत के लिए मिले आवेदनों की जांच के बाद प्लाज्मा दान करने वालों व मरीज के बीच संपर्क कराया जाता है। इस मुहिम की निगरानी कर रही विशेष पुलिस आयुक्त नुजहत हसन ने बताया कि एक ही स्थान पर प्लाज्मा देने वाले और प्लाज्मा की जरूरत वाले मिल सकें, इसलिए इसे तैयार किया गया है। इससे लोगों को प्लाज्मा के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

20 लोग कर चुके हैं दान

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुहिम के तहत अब तक 20 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। इनमें 13 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि 24 अप्रैल से अब तक 160 लोगों ने प्लाज्मा देने के लिए पंजीकृत किया था, जिसमें 23 लोग ही प्लाज्मा देने के लिए चिकित्सीय रूप से योग्य पाए गए। इसमें 16 पुलिसकर्मी हैं। 20 लोग प्लाज्मा दान कर चुके हैं।

दान में न हो संकोच

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्लाज्मा दान करने वालों की संख्या बहुत कम है, जबकि प्लाज्मा की जरूरत वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा। अब तक 1144 लोगों ने वेबसाइट पर प्लाज्मा लेने के लिए आवेदन किया है। लोगों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आएं, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।