अचानक चला जाता है मोबाइल का नेटवर्क तो... कहीं ये हैकर्स की साजिश तो नहीं, हो जाएं सावधान वरना अकाउंट हो जाएगा खाली!
सावधान! फिजिकल सिम को ई-सिम में अपग्रेड कराके ठगों ने एएसआई के बैंक खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित को ग्राहक सेवा केंद्र से पता चला कि उसका फिजिकल सिम ई-सिम में बदल गया है। बैंक में रजिस्टर्ड दूसरे नंबर पर मैसेज आने पर ठगी का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। दिल्ली पुलिस के पीसीआर में तैनात एक एएसआई से एक लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने एएसआई के फिजिकल सिम को ई-सिम में अपग्रेड कराकर उनके खाते से करीब एक लाख रुपये पार कर दिए।
पीड़ित की शिकायत पर बाहरी-उत्तरी जिला साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित का पता लगा रही है। शुरुआती जांच में पता चला कि जिस खाते में पैसे गए हैं, वे खाते पश्चिम बंगाल और ओडिशा के हैं।
वहीं, आरोपित ने ठगी की रकम बिहार की राजधानी पटना स्थित एटीएम से निकाल ली है। पुलिस अब इन आरोपितों को पकड़ने के लिए जांच में जुटी है।
एक ऐप से कराई ट्रेन टिकट बुक और हो गया खेल
जानकारी के मुताबिक एएसआई रोमेश लाल परिवार के साथ नरेला में रहते हैं। वह बेगमपुर सर्कल में पीसीआर में तैनात हैं।
उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते 23 सितंबर की रात उन्होंने एक साइट से ट्रेन की टिकट बनाई थी। जिसके बाद अचानक उनके सिम का नेटवर्क गायब हो गया।
अगले दिन भी नेटवर्क नहीं आया तो पहुंचा कस्टमर केयर सेंटर
24 सितंबर को भी जब नेटवर्क नहीं आया, तो पास के ही संबंधित सिम कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में पहुंचे, लेकिन यहां से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
25 सितंबर को फिर से रोहिणी स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे। जहां उन्हें पता चला कि किसी ने फिजिकल सिम की जगह ई-सिम एक्टिव करा लिया है।
ई-सिम एक्टिव होते ही खाली हुआ खाता
पीड़ित ने कहा कि तभी बैंक में रजिस्टर्ड मेरे दूसरे नंबर पर मेरे बैंक खाते से 99 हजार 637 रुपये निकलने का मैसेज मिला। तुरंत इसकी जानकारी बैंक ग्राहक सेवा केंद्र को दी।
फिर साइबर क्राइम पोर्टल पर भी इसकी शिकायत दर्ज कराई। उस समय ग्राहक सेवा केंद्र से उन्हें कहा गया था कि पैसे कुछ समय बाद आप के खाते में वापिस आ जाएंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
अगले दिन बैंक पहुंचने पर पता चला कि पैसे उनके खाते में नहीं आए हैं। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामला दर्ज आरोपितों का पता लगा रही है।
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