नारनौल [महेश कुमार वैद्य/राजकुमार]। फेसबुक (Facebook) व वाट्सएप (Whatsapp) जैसी सोशल साइट्स पर अनजान लड़कियों से दोस्ती महंगी पड़ सकती है। यकीन नहीं हो तो हनी ट्रैप में फंसे महेंद्रगढ़ जिले के निवासी इस फौजी की कहानी जान लीजिए। देश सेवा का संकल्प लेकर फौज में भर्ती हुआ महेंद्रगढ़ जिले के गांव बसई निवासी रवींद्र कुमार पुत्र रतन सिंह यादव प्रेम जाल में फंस कर अपने ही देश से गद्दारी कर बैठा। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, अभी कुछ संकेत मिले हैं कि आरोपित का कनेक्शन कहीं न कहीं पाकिस्तान से भी जुड़ा हुआ हो सकता है। रिमांड अवधि में पूछताछ में सारा खुलासा हो पाएगा। 

जासूसी के आरोप में सेना का जवान रविंद्र गिरफ्तार
बता दें कि नारनौल शहर पुलिस ने देश-विरोधी विदेशी ताकतों को देश की सुरक्षा व हथियारों की खुफिया जानकारी देने के आरोप में रेलवे स्टेशन रोड पर एक चाय की दुकान से बृहस्पतिवार को इस फौजी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित फौजी को एसीजेएम (सीनियर डिवीजन) एवं चीफ जूड़िशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से फौजी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान जानना चाहेगी कि फौजी के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं? पुलिस को फौजी के पास से आरोपी की तलाशी में 7 जिंदा राउंड व दो मोबाइल और 3 सिम भी बरामद हुई है।

मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
जानकारी मुताबिक, शहर पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि रवींद्र कुमार फौज में नौकरी करता है और पिछले कुछ अरसे से अपने मोबाइल फोन से देश विरोधी विदेशी एजेंटों से वीडियाे कॉल, फेसबुक व वाट्सअप के जरिए संबंध बनाए हुए है और लोभ लालच में अपने देश की खुफिया जानकारी भारतीय सेना व भारतीय सेना के कैंपों की जानकारी तथा संवेदनशील गुप्त जगहों की फोटो, सेना के हथियारों व ट्रेनिंग से संबंधित जानकारी विदेशी एजेंटों को इंटरनेट के भेजता है।

ऐसे पुलिस गिरफ्त में आया जासूस रविंद्र
इस जानकारी के बदले विदेशी एजेंटों से अपने बैंक खाते में पैसा भी मंगवाता है। यह डाटा देश की आतंरिक व बाहरी सुरक्षा में सेंध लगाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही रवींद्र फौजी ट्रेन के जरिए नारनौल पहुंचा है और ट्रेन से उतरकर राजीव चौक के नजदीक राजीव चौक पर चाय की दुकान पर बैठा है। इस पर एक टीम का गठन किया गया, जिसमें हैड कांस्टेबल कृष्ण कुमार व एसपीओ अजय कुमार समेत कई पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई गई तथा फौजी को मौके से बैग समेत धर-दबोच लिया गया। इस बाबत उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया गया तथा रात्रि के समय रवींद्र यादव के खिलाफ पुलिस ने भादंसं की धाराओं 3, 4, 5 व 9 ऑफिशियल सिक्रेट एक्ट 1923, 120 बी और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज करने उपरांत बृहस्पतिवार को एसीजेएम (सीनियर डिवीजन) एवं चीफ जूड़िशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।

फेसबुक के जरिए आया था विदेशी महिला के संपर्क में

बसई गांव निवासी रवींद्र 2017 में 5 कुमाऊं रेजिमेंट फौज में भर्ती हुआ था। 2018 में जब आरोपी रवींद्र अमृतसर में पोस्टिंग थी, तब फेसबुक के जरिये विदेशी महिला से दोस्ती हो गई। पहले तो ये आपस मे चेट करते रहे। फिर विदेशी महिला ने अन्य जानकारी जुटानी शुरू कर दी। रवींद्र ने बता दिया कि वह फौज में कार्यरत है और फिलहाल में अपनी यूनिट के साथ अमृतसर में है। फिर दोनों में फेसबुक चेट व वीडियो कॉलिंग के जरिये बात करने का सिलसिला शुरू हो गया। मार्च 2018 में विदेशी महिला ने यूनिट की लोकेशन और राइफल की जानकारी मांगी। इसके बाद आरोपित अपनी यूनिट के साथ अमृतसर से अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गया। इसकी जानकारी भी विदेशी महिला को दे दी गई। दिसंबर, 2018 में विदेशी महिला ने आरोपी के अकाउंट 5 हजार रुपये भी डलवा दिए। बाद में भी आरोपित लगातार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से जुड़ी सवेदनशील जगहों की जानकारी देता रहा। गत 8 जुलाई को रवीदं पांच दिन की छुट्टी लेकर घर आ रहा था।

पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि जब वह नारनौल स्टेशन पर उतरा तो पुलिस को इसके बारे में खुफिया जानकारी मिली कि यह फौज का सिपाही अपने देश की सुरक्षा जानकारियां दे रहा है। इसके बाद तुरन्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन को मामले की जानकारी दी। इस पर तुरंत पुलिस हरकत में आ गई और आदेश मिलते ही स्टेशन को घेर लिया, ताकि आरोपित बचकर न निकल पाए। जब पुलिस स्टेशन पर सर्च कर रही थी, तब आरोपी चाय की दुकान पर बैठ टैक्सी का इंतजार कर रहा था। वहीं से आरोपित को काबू कर लिया गया।

वहीं, चंद्रमोहन (पुलिस अधीक्षक, नारनौल) के मुताबिक, अब साइबर की मदद से पुलिस जानकारी में जुटी है कि आरोपी जिन अलग-अलग नंबरों पर वाट्सअप चलाता था, वे कौन से देश के हैं। अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी किस देश मे किस महिला से बात करता था। अभी कुछ संकेत मिले हैं कि आरोपित का कनेक्शन कहीं न कहीं पाकिस्तान से भी जुड़ा हुआ हो सकता है। रिमांड अवधि में पूछताछ में सारा खुलासा हो पाएगा। महिला का भी पूरी तरह से नाम सामने नहीं आया है।

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Posted By: JP Yadav