साहिबाबाद [सौरभ पांडेय]। हिंडन एयरपोर्ट के मार्च में शुरू होने की उम्मीदों के साथ आवास विकास परिषद ने भी इसके पास ही अजंतापुरम योजना लांच करने की तैयारी शुरू कर दी है। अगले दो माह में ही यहां करीब ढाई हजार परिवारों को अपने सपनों का आशियाना मिलेगा। योजना को सफल बनाने के लिए इन फ्लैटों का प्रचार दिल्ली के बेहद करीब और घरेलू एयरपोर्ट से सटी योजना होने के नाम पर किया जाएगा।

अंतिम चरण में हैं योजना
परिषद अधिकारियों की मानें तो योजना के अधिग्रहण की प्रकिया अंतिम चरण में है। ऐसे में जल्द ही इसे लांच किया जाएगा। आवास विकास परिषद ने वर्ष 1990 से इस योजना के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू किया था। तकरीबन तीन सौ एकड़ की योजना में करीब दो सौ एकड़ जमीन सहकारी समीतियों की है। कुछ दिन पूर्व मुख्यालय ने इसके अंतिम ले-आउट पर मुहर लगा दी थी। हालांकि कुछ किसान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जता रहे थे।

80 फीसद किसान ले चुके हैं मुआवजा
अस्सी फीसद किसान पूर्व में ही मुआवजा ले चुके थे, ऐसे में परिषद अधिकारियों ने अब करीब सभी किसानों को मना चुके हैं। सूत्रों की मानें तो सभी किसान मुआवजा और 20-25 फीसदी विकसित जमीन लेने की शर्त पर राजी हुए हैं। ऐसे में अब परिषद योजना में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन खोलने की योजना बना रहा है।

करीब ढाई हजार फ्लैट होंगे लांच
परिषद अधिकारियों की मानें तो अजंतापुरम में करीब ढाई हजार फ्लैटों का लांच किया जाना है। इनमें ईडब्ल्यूएस और प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट शामिल हो सकते हैं। इन फ्लैटों को 26 जनवरी को लांच किया जाना था, लेकिन योजना के ले आउट पर मुख्यालय से अंतिम मुहर लगने के बाद और किसानों से समझौता होने के बाद अब इन्हें लांच किया जाएगा।

मार्च में शुरू होगा एयरपोर्ट
माना जा रहा है कि मार्च में घरेलू एयरपोर्ट शुरू होगा। इसके साथ ही परिषद भी अपनी योजना के फ्लैटों के आवेदन खोलेगा। ये फ्लैट चार मंजिला होंगे और एक और दो बीएचके होंगे। इससे कई लोगों का एयरपोर्ट के पास घर होने का सपना साकार होगा।

दिल्ली से दो किलोमीटर दूर है अजंतापुरम
करीब तीन सौ एकड़ की अजंतापुरम योजना में परिषद ने करीब सौ एकड़ जमीन किसानों से अधिग्रहित की है। इसी जमीन पर परिषद को फ्लैट बनाने हैं। अजंतापुरम योजना दिल्ली के भोपुरा बॉर्डर से बेहद करीब है। इसकी दूरी दिल्ली से सिर्फ दो किलोमीटर है। अब योजना के साथ एयरपोर्ट आने से परिषद को इससे उम्मीदें बढ़ गई हैं। आवास विकास परिषद की मंडोला योजना में करीब आठ हजार फ्लैट बनकर तैयार हैं, लेकिन किसानों के विरोध में योजना लटकी है। यहां लोग लगातार अपने फ्लैटों का रिफंड मांग रहे हैं।

महंगे होंगे फ्लैट
उधर, सिद्धार्थ विहार योजना के गंगा, यमुना और हिंडन एंक्लेव के भी महंगे होने के चलते पचास फीसद फ्लैट भी नहीं बिक सके हैं। ऐसे में अब परिषद अधिकारियों को अजंतापुरम योजना है उम्मीद जगी है। अजंतापुरम योजना हिंडन एयरबेस की हवाई पट्टी के तहत आने के चलते यहां बहुमंजिला इमारतें नहीं बन सकतीं।

ढीली होगी लोगों की जेब
अब घरेलू हवाई अड्डा आने से योजना के रेट बढ़ने तय माने जा रहे हैं। ऐसे में अब आविप यहां कुछ महंगे फ्लैट लांच कर सकता है। यहां मकान लेने की योजना बना रहे लोगों की जेब अब अधिक ढीली होनी तय मानी जा रही है।

महेंद्र प्रसाद, संयुक्त आवास आयुक्त ने बताया कि योजना को लांच करने की तैयारी चल रही है। ले-आउट पास हो चुका है। साथ ही किसानों से भी समझौता लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही योजना को लांच कर दिया जाएगा। यहां पहले गरीब वर्ग के लिए और एलआईजी फ्लैट बनाए जाने की योजना है।