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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Greater Noida Ganga Water: ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों को कब मिलेगा गंगा वाटर? पढ़िये- क्या कहते हैं अधिकारी

By Jagran NewsEdited By: JP Yadav
Published: Sat, 01 Oct 2022 10:11 AM (IST)

Greater Noida Ganga Water गौतमबुद्धनगर में लोगों को अभी गंगा वाटर के लिए एक से डेढ़ महीने का इंतजार करना ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में नवंबर के मध्य तक पहुंच सकता है गंगा वाटर। फाइल फोटो
ग्रेटर नोएडा में नवंबर के मध्य तक पहुंच सकता है गंगा वाटर। फाइल फोटो

ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। Greater Noida Ganga Water: ग्रेटर नोएडा के निवासियों को एक से डेढ़ महीने और गंगाजल के लिए इंतजार करना होगा। हरिद्वार में गंगनहर की सफाई के कारण नहर का पानी रोका गया है। ऐसे में 30 अक्टूबर तक शुरू होने होने वाली परियोजना की नवंबर के मध्य तक शुरू होने की संभावना है।

गंगनहर का पानी रुकने से आई दिक्कत

दरअसल, हर वर्ष दशहरा से लेकर दीपावली के बीच गंगनहर की सिल्ट की सफाई कराई जाती है। गंगनहर का पानी बंद होने से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में होने वाली सफाई और परीक्षण का कार्य भी रुक गया है।

एरियल रिजर्व वायर तक पहुंचा पानी

सितंबर की शुरूआत में पहली बार ग्रेटर नोएडा के जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्व वायर तक गंगाजल पहुंच था। पिछले दिनों शारदा विश्वविद्यालय के पास बने एरियल रिजर्व वायर तक पानी पहुंच गया। लाइन का परीक्षण व साफ पानी का आपूर्ति की जांच होनी थी।

बताया जा रहा है कि गंगनहर सका पानी रुकने से यहां भी कार्य अटक गए हैं। अपर गंगा कैनाल (हापुड़) से 85 क्यूसेक गंगाजल लाने का प्रस्ताव सबसे पहले 2005 में बना और 2012 से 2014 के बीच ग्रेटर नोएडा परिक्षेत्र में जलापूर्ति नेटवर्क तैयार कर लिया गया।

पल्ला वाटर ट्रीटमेंट तक पहुंचा गंगाजल

2017 के बाद देहरा से जैतपुर तक 23 किलोमीटर की पाइपलाइन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, व देहरा में इंटेक (प्रारंभिक ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के कार्य शुरू किए। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नीचे से पाइपलाइन को पार करते हुए दिसंबर 2021 में गंगाजल पल्ला के वाटर ट्रीटमेंट प्लान तक पहुंच गया।

जारी है कार्ययोजना

सलिल यादव (प्रभारी महाप्रबंधक परियोजना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण) का कहना है कि गंगाजल परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। गंगनहर की सफाई के कारण पानी रुकने से कार्य में रुकावट आई है। तय समय में परियोजना शुरू हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।