नई दिल्ली (जेएनएन)। सार्वजनिक वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने की समय सीमा 31 मार्च को खत्म हो गई, लेकिन हजारों वाहनों में अब भी जीपीएस नहीं लग पाया है। ऑटो और टैक्सी में जीपीएस अनिवार्यता की शर्त पूरा न करने पर विभाग अब कड़ा रुख अख्तियार कर सकता है।

जीपीएस न लगवाना परमिट की शर्तों का उल्लंघन है, जिसके लिए दो हजार से लेकर 5 हजार तक का चालान हो सकता है। हालांकि, ऑटो और टैक्सी वाले दबाव बना रहे हैं कि तारीख को और आगे बढ़ा दिया जाए।

विभाग ने शुरू किए नोटिस भेजने

दिल्ली में दौड़ रहे खराब जीपीएस वाले वाहनों पर लगाम कस दिया गया है। इसके तहत मैक्सी कैब, फटफट सेवा, ईको फ्रेंडली और ग्रामीण सेवा को नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि 15 अप्रैल या दिए गए समय तक जीपीएस ठीक नहीं करवाते तो परमिट रद कर दिया जाएगा। करीब 1800 ग्रामीण सेवा को नोटिस भेजा गया है।

सवारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक वाहनों में वर्ष 2009 व 2010 से जीपीएस लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 2016 में केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सार्वजनिक वाहनों में अनिवार्य रूप से जीपीएस लगाने का आदेश दिया था।

इसके तुरंत बाद दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने सर्कुलर जारी कर योजना पर काम शुरू करने की कोशिश की, लेकिन एजेंसी तथा ऑटो-टैक्सी चालकों ने जीपीएस को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस पर सरकार ने समय सीमा 31 मई 2017 तक बढ़ा दी थी। उसके बाद इसे बढ़ाकर 15 फरवरी 2017 किया गया था।

ऑटो व टैक्सी वालों ने दबाव बनाकर तारीख 31 मार्च 2018 तक के लिए बढ़वा ली थी। मगर इस तारीख तक भी दिल्ली में बड़ी संख्या में वाहनों में जीसीएस नहीं लगा है या खराब पड़ा है।

भारतीय प्राइवेट मजदूर महासंघ के उपाध्यक्ष रामचंद्र उर्फ चंदू का कहना है कि समस्या यह आ रही है कि यह कैसे पता किया जाए कि जीपीएस चालू है या बंद है। मेरी ग्रामीण सेवा में ही जीपीएस लगा है और हरी बत्ती जल रही है जो यह बताती है कि जीपीएस चल रहा है। मगर विभाग के पास से संदेश आया है कि आपका जीपीएस काम नहीं कर रहा है तब पता चला कि जीपीएस बंद है। यह समस्या बहुत से लोगों की है।

जीपीएस लगाने की डिम्ट्स के पास है जिम्मेदारी

जीपीएस सिस्टम लगाने व निगरानी का जिम्मा डिम्ट्स (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम) के पास है। डिम्ट्स के अनुसार अभी बड़ी संख्या में जीपीएस खराब हैं या वाहनों में लगे ही नहीं हैं।

Posted By: JP Yadav

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