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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gurugram Namaz Dispute: खुले में नमाज के विरोध में गोवर्धन पूजा, दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा भी होंगे शामिल

By Jp YadavEdited By:
Published: Fri, 05 Nov 2021 09:42 AM (IST)

गुरुग्राम के सेक्टर 12ए खुले पर नमाज को लेकर हिंदू संघर्ष समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को उसी जगह पर ...और पढ़ें

Gurugram Namaz Dispute: खुले में नमाज के विरोध में गोवर्धन पूजा, दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा भी होंगे शामिल
Gurugram Namaz Dispute: खुले में नमाज के विरोध में गोवर्धन पूजा, दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा भी होंगे शामिल

नई दिल्ली/गुरुग्राम, जागरण डिजिटल डेस्क। दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम शहर में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने का मामला गरमाता जा रहा है। कई हिंदू संगठनों इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया है। खासकर गुरुग्राम के सेक्टर 12ए खुले पर नमाज को लेकर हिंदू संघर्ष समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को उसी जगह पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया है। इस सूचना के बाद स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है। हिंदू संघर्ष समिति ने गोवर्धन पूजा में शामिल होने के लिए दिल्ली के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा को भी बुलाया गया है। हिंदू संघर्ष समिति में कुल 22 संगठन शामिल हैं। वहीं, कपिल मिश्रा ने गुरुग्राम के सेक्टर-12 में होने वाली गोवर्धन पूजा में शामिल होने के लिए हामी भी भर दी है। इसके अलावा, गाजियाबाद स्थित डासना देवी के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती को भी गोवर्धन पूजा के लिए आमंत्रित किया गया था, हालांकि, वह किन्हीं कारणों से शुक्रवार को आने में असमर्थ हैं।

गुरुग्राम पुलिस हुई मुस्तैद

गोवर्धन पूजा और नमाज का दिन होने की वजह से गुरुग्राम पुलिस अतरिक्ति सतर्कता बरत रही है। खुफियां विभाग पूरी तरह सक्रिय है। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि कोई भी अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।

लगातार हो रहा है खुले में नमाज का विरोध

गौरतलब है कि पिछले तकरीबन एक महीने से गुरुग्राम सेक्टर 12ए पार्क में नमाज के विरोध में स्थानीय लोग उठ खड़ हुए हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताह से यहां पर पुलिस सुरक्षा के बीच नमाज अदा की जा रही थी। प्रदर्शन और विरोध के चलते पिछले महीने 29 अक्टूबर को 2 दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि में उनकी जमानत भी थाने से ही हो गई थी।

वहीं, मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों की ओर से पिछले दिनों कहा गया है कि वे यहां से नमाज स्थानांतरित होने के इच्छुक हैं, बशर्ते उन्हें एक वैकल्पिक स्थान प्रदान किया गया हो या वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त किया गया हो।