नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। गोगी की हत्या का शक टिल्लू गिरोह पर जताया जा रहा है। गोगी की सुनील उर्फ टिल्लू गिरोह से दुश्मनी काफी पुरानी है। दोनों गिरोहों के बीच लंबे समय से गैंगवार चल रहा है। गैंगवार में पिछले 6 साल में दोनों गिरोहों के 40 से ज्यादा बदमाशों की हत्या हो चुकी है। सुनील ताजपुर गांव का है। जितेंद्र और सुनील अलीपुर के आसपास के गांव के रहने वाले हैं। दोनों पहले बहुत अच्छे दोस्त थे। बाद में दोनों में दुश्मनी हो गई।

सुनील गिरोह के शूटर संदीप उर्फ ढिल्लू को चार साल पहले उसके गिरोह के बदमाशों ने लोकनायक अस्पताल से पुलिस हिरासत से भगा ले गया था। जिसे कुछ साल पहले सेल ने दबोच लिया था। वह अभी जेल में है।

गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी गुरुग्राम से हुआ था गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने डेढ़ साल पहले दिल्ली व हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी व उसके तीन अन्य साथियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। चारों गुरुग्राम के सेक्टर-82 स्थित एक अपार्टमेंट में छुपे हुए थे। जितेंद्र के साथ जिन तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया था उनमें कुलदीप मान उर्फ फज्जा, रोहित मोई अौर कपिल उर्फ गौरव शामिल था। गिरफ्तारी से पहले चार सालों से गोगी दिल्ली व हरियाणा पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ था।

हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया व बसपा नेता की हत्या में वांछित था गोगी

गोगी उस दौरान हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया व बसपा नेता वीरेंद्र मान की हत्या में वांछित था। चारों पर हत्या, उगाही, गैंगवार, कार लूट आदि के 50 से ज्यादा मामले दर्ज थे। चारों पर दिल्ली और हरियाणा पुलिस की तरफ से कुल 10.30 लाख रुपये का इनाम था। अकेले गोगी पर दिल्ली पुलिस की तरफ से चार लाख व हरियाणा पुलिस की तरफ से ढाई लाख का इनाम था।

इस गिरोह की पहचान यह है कि रंगदारी न देने व अन्य किसी कारण गोगी गिरोह जब किसी को निशाना बनाता था तो उसे दर्जनों गोलियां मार मौके पर मौत के घाट उतार देता था।गोगी को गिरफ्तार करने के लिए सेल की टीम तीन महीने से उसके मूवमेंट पर तकनीकी सर्विलांस सहित अन्य माध्यम से नज़र रख रही थी तब जाकर 2 मार्च 2020 को सेल को सफलता मिली थी। सेल को सूचना मिली थी कि गोगी साथियों के साथ गुरुग्राम के खेरकी दौला टोल प्लाजा के समीप आने वाला है।

सेल की टीम वहां पहुची तो पता चला था कि गोगी साथियों के साथ गुरुग्राम सेक्टर 82 के पॉश इलाके मैपस्को कासाबेला अपार्टमेंट में छिपा हुआ है। अपार्टमेंट के बी-4 ब्लाक के फ्लैट संख्या-201 में चारों छिपे थे। पुलिस को बदमाशो के पास भारी संख्या में हथियार और कारतूस होने की भी जानकारी थी लिहाजा सेल ने सतर्कता बरतते हुए अातंकी हमले की रोकथाम के लिए बनाए गए विशेष स्वात टीम को भी मौके पर बुला लिया था।

सेल की टीम ने जब फ्लैट को चारों तरफ से घेर कर माइक के जरिए गोगी व उसके साथियों को बाहर निकल समर्पण करने को कहा था। तब वे लोग पहले 30 मिनट तक फ्लैट से नहीं निकले। फ्लैट में कई खिड़कियां थीं। जिससे एहतियात बरतते हुए भागने के सभी संभावित स्थानों पर हथियार से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। चारो तरफ घिरा देख कर गोगी , कुलदीप मान उर्फ फज्जा, रोहित उर्फ मोई व कपिल उर्फ गौरव ने समर्पण कर दिया था। समर्पण से पहले गोगी ने सोशल मीडिया पर अपने समर्पण का वीडियो अप लोड कर दिया था।

चारों के पास से छह विदेशी पिस्टल, 70 कारतूस, कई लाख नगदी मिले थे। पुलिस ने इनकी एक कार भी जब्त कर ली थी जो पश्चिम विहार से चुराई गई थी। गोगी, दिल्ली के अलीपुर गांव, कुलदीप मान , नया बास व रोहित सोनीपत का रहने वाला है। उत्तर प्रदेश के सहारणपुर निवासी कपिल, 2019 में गोगी गिरोह में शामिल हुआ था। गिरफ्तारी से पूर्व चार साल तक गोगी दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में छिपते रहा था।

पुलिस को उसकी लोकेशन का पता न चल सके इसके लिए वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। बदमाशों ने फर्जी नाम से अपना कई फेसबुक अकाउंट बना रखा था। उसपर वे समय-समय पर हथियार के साथ अपना फोटो पोस्ट करते थे ताकि विरोधी गिरोह को उनकी ताकत का पता चलता रहे। गोगी की गिनती दिल्ली के टॉप-5 बदमाशों में थी। इसके समकक्ष नीतू दाबोदिया को स्पेशल सेल दस साल पहले मुठभेड़ में मार चुकी है। जबकि गैंगस्टर नरीज बावानिया और सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया जेल में है। गोगी पिछले छह सालो से काफी सक्रिय था। गिरफ्तारी से पहले सेल ने उसपर मकोका भी लगा दिया था ताकि लंबे समय तक वह जेल से नहीं निकल पाए।

Edited By: Mangal Yadav