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    इंदिरा गांधी ने जिस सावरकर को सम्मानित किया, राहुल गांधी उन्हें देते हैं गाली: गिरिराज सिंह

    Updated: Tue, 27 May 2025 10:02 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर सावरकर को लेकर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राजनीति में राष्ट्र की अनदेखी कर रहे हैं। माई होम इंडिया की ओर से आयोजित सावरकर जयंती में युवाओं से सावरकर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया।

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    सावरकर जयंती समारोह को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भले ही सावरकर को गाली देते हैं, लेकिन उसी सावरकर को उनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सम्मानित किया था। उनके ऊपर डाक टिकट जारी किया था।

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    उन्होंने राहुल गांधी को आगाह करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से सावरकर को गाली देते समय वह राष्ट्र के खतरों को पहचानें, जिसके प्रति सावरकर ने आगाह किया था।

    वह न्यू महाराष्ट्र सदन में माई होम इंडिया की ओर से आयोजित सावरकर जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हर युवा से अपने दिल में सावरकर को जिंदा रखने का आह्वान किया।

    अंडमान की जेल में आज भी सावरकर को महसूस कर सकते हैं

    उन्होंने युवाओं से कहा कि अंडमान निकोबार की जेल में अब भी सावरकर को महसूस किया जा सकता है। जाति जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें भी राष्ट्रीय सराेकार हो, राष्ट्र प्रथम का भाव हो।

    माई होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने राहुल गांधी के साथ ही वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों के ऊपर सावरकर को लेकर भ्रम फैलाने तथा देशवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

    सावरकर ने अंग्रेजों से न माफी मांगी और न ही पेंशन

    उन्होंने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर ने कभी भी अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी। न ही, पेंशन मांगी, लेकिन दुष्प्रचार का ऐसा बादल तैयार कर दिया गया कि लोग भ्रमित हुए।

    आज के युवाओं का आह्वान है कि सच्चाई देश के सामने ले जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने मर्सी नहीं बल्कि क्लेमेंसी पीटिशन लगाई थी।

    जिसका उपयोग महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू समेत हजारों लोगों ने किया था। उन्होंने यह दूसरे जेल में जाने के लिए दिया था।

    इसी तरह की तमाम बातें है, जिसपर लंबे समय तक लोगों को गुमराह किया गया था। लेकिन अब सब झूठ से पर्दे हट रहे हैं।