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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

G-20 Summit in Delhi: भारत मंडपम में लगेगी अष्टधातु से बनी ये मूर्ति, विदेशी मेहमानों का करेगी स्वागत

By Nimish HemantEdited By: Geetarjun
Published: Sat, 26 Aug 2023 09:13 PM (IST)

जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आने वाले राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत 22 फीट ...और पढ़ें

भारत मंडपम में लगेगी अष्टधातु से बनी ये मूर्ति, विदेशी मेहमानों का करेगी स्वागत
भारत मंडपम में लगेगी अष्टधातु से बनी ये मूर्ति, विदेशी मेहमानों का करेगी स्वागत

HighLights

  1. तमिलनाडु में हुई है तैयार, दिल्ली में पॉलिश करने के बाद छह फीट ऊंचे चबूतरे पर होगी स्थापित।
  2. मूर्ति की कुल ऊंचाई 28 फीट की होगी।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आने वाले राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत 22 फीट ऊंची और अष्ठधातु से बनी नटराज की मूर्ति करेगी। यह मंडपम के सबसे अगले हिस्से में स्थापित किया जाएगा। इसे तमिलनाडु में तैयार कर सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजधानी लाया जा रहा है।

28 फीट हो जाएगी प्रतिमा की मूर्ति

यहां मूर्ति को पॉलिश करने के साथ छह फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा। इस तरह इस मूर्ति की कुल ऊंचाई 28 फीट की होगी। संभवत: यह विश्व में नटराज की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। धर्म, कला व शास्त्र के अनूठा संगम इस मूर्ति के माध्यम से विदेशी मेहमानों की देश की प्राचीन कला, संस्कृति और लोकतंत्र से परिचित कराया जाएगा।

अगले सप्ताह तक लग जाएगी मूर्ति

इसका निर्माण संस्कृति मंत्रालय द्वारा कराया गया है। आईजीएनसीए के अधिकारियों के देखरेख में इस मूर्ति को लाया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह के अंत तक में यह मूर्ति दिल्ली आ जाएगी। इसके लिए यहां चबूतरा स्थापित कर दिया गया है।

20 टन की है मूर्ति

आईजीएनसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मूर्ति 20 टन की है, जिसे अष्ठधातु सोना, चांदी, सीसा, तांबा, टिन, पारा, लोहा और जस्ता से तैयार किया गया है।

अधिकारी के अनुसार, इस मूर्ति के निर्माण में चोल काल की मूर्तियों के निर्माण की परंपरागत प्राचीन कला को अपनाया गया है। इसके निर्माण में छह माह का वक्त लगा है। मूर्ति की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये की हैं।

सभी जगह तैयारियां जोरों पर

शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस दौरान दिल्ली में आईजीआइ एयरपोर्ट, राजघाट, मुख्य कार्यक्रम स्थल प्रगति मैदान समेत 20 जगहों इस समूह के देेशों के झंडे लगाए जाएंगे।

इन जगहों पर लगेंगे झंडे

आगंतुकों को एयरपोर्ट पर उतरने से लेकर उनके होटलों और प्रगति मैदान तक हर तरफ जी-20 मय नजर आएगा। इन जी-20 समूह के सभी देशों के झंडे लगने से अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में सभी सदस्य देश खुद को जुड़ा हुआ अनुभव करेंगे। आइजीआइ व पालम टेक्निकल एयरपोर्ट और छावनी क्षेत्र में 11 जगहों पर इन देशों के झंडे एक साथ लगाए जाएंगे।