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    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नोटिस पर डीयू शिक्षक संगठनों में रोष

    By Jp YadavEdited By:
    Updated: Mon, 24 May 2021 11:08 AM (IST)

    दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि एक बड़ा तबका अभी भी स्मार्टफोन टैब की पहुंच से दूर है। ऑनलाइन पढ़ाई से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का क्या होगा? डीयू में 4500 से अधिक तदर्थ शिक्षकों का भविष्य प्रभावित होगा।

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    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नोटिस पर डीयू शिक्षक संगठनों में रोष

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) के हाल ही में जारी एक सार्वजनिक नोटिस पर दिल्ली विश्वविद्यालय में घमासान मचा हुआ है। नोटिस में बहुत जल्द पाठ्यक्रम का 40 फीसद हिस्सा ऑनलाइन पढ़ाने की बात कही गई है। इस पर दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (Delhi University Teachers Association) समेत कई शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया है। डूटा अध्यक्ष राजिब रे (Delhi University Teachers Association President Rajib Ray) ने कहा कि एक बड़ा तबका अभी भी स्मार्टफोन, टैब की पहुंच से दूर है। ऑनलाइन पढ़ाई से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का क्या होगा? डीयू में 4500 से अधिक तदर्थ शिक्षकों का भविष्य प्रभावित होगा।

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    वहीं अकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट (Academic for Action and Development) ने भी इस पूरे मामले पर एक बयान जारी कर कड़ा विरोध जताया है। एएडी ने कहा है कि अकेले डीयू में तीन चौथाई एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूडी छात्र दूरस्थ क्षेत्रों से हैं, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा बहुत अच्छी नहीं है।

    नेशनल सैम्पल सर्वे (2014) के अनुसार, भारत में केवल 27 प्रतिशत घरों में ही कुछ ऐसे सदस्य हैं जिनकी इंटरनेट तक पहुंच है। स्मार्टफोन के मालिक होने का मतलब डिजिटल माध्यम तक पहुंच होना नहीं है। प्रभावी रूप से, केवल 12.5 प्रतिशत परिवारों के पास घर पर कंप्यूटर पर इंटरनेट है। महामारी के दौर में यूजीसी छात्रों के लिए कक्षा शिक्षण और व्यावहारिक प्रशिक्षण को समाप्त करने पर आमादा है।