नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। फरवरी, 2015 से दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) सरकार ने दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत की लाखों महिलाओं को अब तक की सबसे बड़ी सौगात दी है। मंगलवार (29 अक्टूबर) यानी भैया दूज से महिलाएं दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) व क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। परिवहन विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी संभालते ही रेणु शर्मा ने इससे संबंधित फाइल को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए बधाई दी है।

मंगलवार से दिल्ली-एनसीआर में डीटीसी की एसी और नॉन एसी बसों के अलावा दिल्ली में चलने वाली क्लस्टर बसों में सफर करने वाली महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाओं को एकतरफा यात्रा (सिंगल जर्नी) पास दिया जाएगा, जो पिंक कलर का होगा। यह पास बस में कंडक्टर से लेना होगा।

वहीं, जहां तक वह बस जाएगी, वहीं तक के लिए यह पास मान्य होगा। दूसरी बस के इस्तेमाल के लिए फिर से पास लेना पड़ेगा। यह पास लेना अनिवार्य होगा, वरना बगैर टिकट माना जाएगा और जुर्माने की कार्रवाई भी हो सकती है। डीटीसी बसों में रोजाना औसतन 31 लाख और क्लस्टर बसों में 12 लाख लोग सफर करते हैं। इनमें करीब 30 फीसद महिला यात्री होती हैं।

डीटीसी बसों में तैनात रहेंगे 13000 मार्शल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की महिलाओं को चौतरफा सुरक्षा कवच के रूप में दिवाली का तोहफा दिया है। उन्होंने सोमवार सुबह त्यागराज स्टेडियम में घोषणा की कि अब दिल्ली की हर बस में मार्शल तैनात होंगे। दिल्ली की बसों में सफर करने वाली किसी भी महिला के साथ कोई अनहोनी होती है तो आरोपित बच नहीं सकेंगे। इस मौके पर केजरीवाल ने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा योजना की सफलता के बाद बुजुर्गो और छात्रों के लिए भी इसे लागू किया जाएगा।

केजरीवाल ने कहा कि एक नवंबर से हर डीटीसी व क्लस्टर बस में एक मार्शल तैनात रहेगा। दिल्ली सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए 13 हजार मार्शलों की नियुक्ति की है। छह हजार मार्शलों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में दिल्ली पहला ऐसा शहर बन गया है जहां हर बस में एक मार्शल तैनात रहेगा। इनमें 10 प्रतिशत महिला मार्शल हैं। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कुल मार्शलों में से छह हजार सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता व सात हजार पूर्व होमगार्ड हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली एक परिवार है, मुख्यमंत्री होने के नाते मैं खुद को इस परिवार का बड़ा बेटा मानता हूं। बड़े बेटे के नाते मुङो सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि घर से बाहर निकलने पर दिल्ली की महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। इसलिए मैंने दिल्ली की बसों में सफर करने वाली माताओं, बहनों व बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपको सौंपी है। भैया दूज पर मैं आप सबको यह जिम्मेदारी सौंप रहा हूं कि कोई महिला अगर बस में बैठे तो उनके मन में यह विश्वास होना चाहिए कि बस में मेरी सुरक्षा के लिए मेरा भाई बैठा है। कोई मेरा अहित नहीं कर सकता। आपके मन में भी यही भाव होना चाहिए कि इस बस में आपकी माताएं, बहनें बैठी हैं। आप जिम्मेदारी से काम कीजिए।

सीएम केजरीवाल ने बताया कि कुछ समय पूर्व दिल्ली में इवनिंग शिफ्ट की बसों में 3400 मार्शल तैनात किए गए थे। मार्शलों ने अच्छा काम किया। इसलिए अब हम मार्शलों की संख्या बढ़ाकर 13 हजार कर रहे हैं। इस दौरान केजरीवाल ने समय-समय पर महिलाओं, बीमार व बुजुर्ग सवारियों की सहायता करने वाले 15 मार्शलों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। केजरीवाल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पूरी दिल्ली में तीन लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पूरी दुनिया में ऐसा कोई शहर नहीं होगा जहां एक साथ तीन लाख कैमरे लगाए जा रहे हों। महिला सुरक्षा के लिए हमने ये कदम उठाए हैं। वहीं, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने भी मार्शलों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया।

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Posted By: JP Yadav

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