Delhi Stampede केस में बड़ा एक्शन, जांच रिपोर्ट से पहले ही 4 अफसरों पर गिरी गाज; पुष्पेश आर त्रिपाठी होंगे नए DRM
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को हुई भगदड़ के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुखविंदर सिंह स्टेशन निदेशक महेश यादव और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) आनंद मोहन को उनके पद से हटा दिया गया है। पुष्पेश आर त्रिपाठी को दिल्ली का नया डीआरएम नियुक्त किया गया है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी को हुई भगदड़ में रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुखविंदर सिंह, स्टेशन निदेशक महेश यादव और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) आनंद मोहन को उनके पद से हटा दिया गया है।
पुष्पेश आर त्रिपाठी दिल्ली के नए डीआरएम होंगे। वह उत्तर मध्य रेलवे मुख्य विद्युत लोको अभियंता के पद पर तैनात थे। लक्ष्मी कांत बंसल नई दिल्ली के नए स्टेशन निदेशक और निशांत नारायण वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) होंगे।
दुर्घटना की जांच के लिए रेलवे प्रशासन ने दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही तीन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। आने वाले दिनों में कुछ और रेलवे कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात को भगदड़ होने से 11 महिलाएं व चार बच्चे सहित 18 यात्रियों की जान चली गई थी। 13 यात्री घायल हो गए थे। अधिकतर मरने वालों की मौत ट्रामेटिक एस्फिक्सिया से हुई। यह एक ऐसी स्थिति होती है जब छाती व पेट के ऊपरी हिस्से पर दबाव पड़ने से सांस व रक्त संचार रुक जाती है।
फोटो- पीटीआई
हादसे की जांच के लिए गठित हुई थी टीम
रेलवे प्रशासन ने उसी रात हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी थी। जांच समिति में उत्तर रेलवे के प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर नरसिंह देव और प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर पंकज गंगवार शामिल हैं। जांच समिति की रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे कर्मियों, आरपीएफ के जवानों के बयान लेने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज की जांच की जा रही है। वहीं, रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को सुखविंदर सिंह को दिल्ली के डीआरएम पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
कुछ देर बाद ही उत्तर रेलवे द्वारा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निदेशक महेश यादव और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) आनंद मोहन को भी हटाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश पत्र में इन अधिकारियों के हटाने का कारण नहीं बताया गया है।
जुलाई में पूरा होना था डीआरएम का कार्यकाल
सूत्रों का कहना है कि भगदड़ मामले में ही यह कार्रवाई की गई है। डीआरएम का कार्यकाल जुलाई में पूरा होना था। नई दिल्ली सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भीड़ को संभालने में किसी तरह की परेशानी न हो इस कारण संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई में विलंब हुआ है।
रेलवे स्टेशनों पर भीड़ सामान्य होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद कुछ और लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। जीआरपी भी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही वह आगे की कार्रवाई करेगी।
क्यों मची थी भगदड़?
दुर्घटना के बाद आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों का कहना था कि 15 फरवरी की शाम से ही कुंभ जाने वाले यात्रियों की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ लगने लगी थी। एफओबी के साथ ही प्लेटफार्म नंबर 12, 13, 14 व 15 पर पैर रखने की जगह नहीं थी। 14 नंबर से प्रयागराज एक्सप्रेस रवाना होने वाली थी।
इसी बीच प्रयागराज के लिए 16 नंबर से रवाना होने वाली एक विशेष ट्रेन की घोषणा की गई। इससे स्थिति बेकाबू हो गई थी। कई रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफार्म नंबर 14 से एफओबी को जोड़ने वाली सीढ़ी पर यात्रियों के गिरने से भगदड़ मची थी। सही स्थिति की जानकारी जांच रिपोर्ट आने पर मिलेगी।
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