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    मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 500 CCTV कैमरे खंगालने के बाद 4 आरोपियों को दबोचा

    Updated: Thu, 12 Dec 2024 08:28 AM (IST)

    दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। दिल्ली पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से 52 मीटर लंबी चोरी की केबल बरामद की गई। मोती नगर से कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच केबल काटी गई थी। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी। डीएमआरसी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।

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    दिल्ली की 'लाइफलाइन' मेट्रो की फाइल फोटो सौ.- डीएमआरसी

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए गिराेह में शामिल चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चाेरी की 52 मीटर लंबी केबल बरामद की गई है।

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    गिरफ्तार आरोपितों की पहचान यूपी के बागपत के खेकड़ा नई बस्ती निवासी राशिद मलिक, दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी शाहरुख मलिक, गोकलपुरी निवासी रमजान और यूपी के गाजियाबाद के कैला बाथा निवासी जुनैद उर्फ भूरा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों के पास से टाटा ऐस लोडर और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

    मोती नगर से कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच काटी थी केबल

    संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के मुताबिक, पांच दिसंबर सुबह पांच बजे मेट्रो की ब्लू लाइन (नोएडा इलेक्ट्रानिक सिटी से द्वारका) पर केबल चोरी की घटना हुई थी। डीएमआरसी के सेक्शन इंजीनियर से मिली सूचना में पता चला था कि मोती नगर से कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच 140 मीटर लंबी केबल कटी हुई थी।

    मामले की जांच के लिए राजा गार्डन मेट्रो थाने के थानाध्यक्ष पवन तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद आरोपितों के बारे में पता चला। इसके बाद चारों को अलग-अलग जगह छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया।

    दिल्ली पुलिस को मिल रही शाबाशी

    गिरोह के अन्य सदस्य मासूम, फैजल, इस्लाम, नदीम, सिद्धु, तेली और सरफराज फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। वहीं डीएमआरसी ने मोतीनगर और कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशनों (ब्लू लाइन) के बीच हुए सिग्नलिंग केबल चोरी मामले को सुलझाने के लिए आरोपितों को गिरफ्तार करने में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।

    डीएमआरसी के मुताबिक, यह जनता के लिए मेट्रो सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि यह भविष्य में दूसरों के लिए एक निवारक होगा।

    कई जगहों पर की थी रेकी

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपित राशिद, फैजल, मासूम और जुनैद इस गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। उन्होंने इलाके की पहले से कई जगहों पर रेकी की थी। इसके बाद मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो डक्ट की पहचान की।

    चोरी की गई केबल में बिजली नहीं होती और तांबे की मात्रा के कारण यह कीमती होती हैं। केबल पर चढ़ने और काटने के इस काम को अंजाम देने के लिए गिरोह ने इस्लाम, नदीम, सिद्धू और तेली को काम पर रखा था।

    यह मेट्रो के खंभों पर चढ़कर ट्रैक तक पहुंचने के लिए रस्सियों और हुक का इस्तेमाल करते थे और मेट्रो केबल को और काटते थे। जैसे ही केबल काटकर नीचे फेंकते वहां पर लोडर वाहन में केबल लोड कर फरार हो जाते थे। आरोपी लोडर वाहन के अलावा एक होंडा अमेज कार में थे। इससे वह निगरानी किया करते थे।

    500 से 700 रुपये प्रति मीटर बेचते थे केबल

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित केबल को कबाड़ी के यहां 500 से 700 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से बेचते थे। इस केबल का उपयोग मेट्रो के ट्रैक सर्किट में डाटा भेजने के लिए किया जाता है ताकि पटरियों पर चलने वाली ट्रेनों का पता लगाया जा सके। केबल के कट जाने से ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही रुक जाती है। जिससे परिचालन मैनुअल तरीके से करना पड़ता है।