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    यशवंत सिन्‍हा ने किया SC के जजों का समर्थन, बोले- इमरजेंसी जैसे हालात

    By Amit MishraEdited By:
    Updated: Sat, 13 Jan 2018 09:32 PM (IST)

    यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर चार सीनियर जज पब्लिक में अपनी बात कह रहे हैं तो यह केवल सुप्रीम कोर्ट का मामला कैसे हो सकता है। देश में इमरजेंसी जैसे हालात बने हुए हैं।

    यशवंत सिन्‍हा ने किया SC के जजों का समर्थन, बोले- इमरजेंसी जैसे हालात

    नई दिल्ली [जेएनएन]। सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों द्वारा मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के साथ मतभेदों पर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्‍होंने कहा कि देश का लोकतंत्र संकट में है। देश में इमरजेंसी जैसे हालात बने हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मामले में खुलकर सामने आना चाहिए।

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    उन्‍होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम जजों द्वारा उठाये गए सवालों पर विचार करें। सिन्हा ने कहा कि जिन बिंदुओं को चारों जजों ने उठाया है उन पर चीफ जस्टिस को बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए। सहमति बना करके ही लोकतंत्र को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि लोगों को बोलने से रोका जा रहा है।

    देश में इमरजेंसी जैसे हालात

    यशवंत सिन्हा ने यह भी कहा कि भाजपा के वरिष्ठ जन भी इस मामले में सहमे हुए हैं। वरिष्ठ जनों को आशंका है कि कहीं उनका पद प्रतिष्ठा न चली जाए इसलिए वह कुछ नहीं बोल रहे हैं। सिन्हा ने भाजपा के वरिष्ठ जनों से अपील करते हुए कहा कि प्रजातंत्र को बचाने के लिए आगे आएं, देश में इमरजेंसी जैसे हालात बने हुए हैं। डी राजा के जज से मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी लोग डरे हुए हैं इसलिए वह इसका हल निकालना चाहते हैं

    आवाज उठानी चाहिए

    जजों का क्या एजेंडा है यह स्पष्ट नहीं है। इस सवाल पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की केस के संबंध में बेंच बनाई जाती है उसी में ही कहीं ना कहीं दिक्कत है जिस को लेकर सवाल खड़ा किया गया है इस मामले में इस से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। सिन्हा ने कहा कि अगर चार सीनियर जज पब्लिक में अपनी बात कह रहे हैं तो यह केवल सुप्रीम कोर्ट का मामला कैसे हो सकता है। यह गंभीर मामला है, जिन लोगों को देश के भविष्य और लोकतंत्र की चिंता है, उन्हें इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए। 

    मंथन करना चाहिए

    इससे पहले शुक्रवार को जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस बाद यशवंत सिन्हा जजों के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाने वाले चारों जजों के साथ वह अडिग होकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जजों की आलोचना करने के बजाय लोगों को उन मुद्दों पर मंथन करना चाहिए जो उन्होंने बताए है।

    जजों के साथ अडिग होकर खड़ा हूं

    यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया- सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस निश्चित रूप से अभूतपूर्व थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब राष्ट्रीय हित का दाव होता है तब व्यापार के सामान्य नियम लागू नहीं होते हैं। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए लिखा- मैं कुछ टिप्पणियां देख रहा हूं, चारों जजों के साथ अडिग होकर खड़ा हूं। उनकी आलोचना करने के बजाय उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बात करनी चाहिए। अगर शीर्ष अदालत समझौते पर चलती हैं तो लोकतंत्र को जोखिम में समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि चारों जज जिस ओर इशारा कर रहे हैं वह एकदम साफ और तेज सुनाई देने वाला है। उम्मीद करता हूं कि जज लोया की मौत से परदा उठेगा।

    मीडिया के सामने आए जज

    आपको बता दें कि यह इस तरह की पहली घटना है जब सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने मीडिया के सामने शीर्ष अदालत के कामकाम को लेकर गड़बड़ियों को उजागर किया। चारों जजों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले कोर्ट के रवैये को लेकर चीफ जस्टिस को चिट्ठी भेजी थी लेकिन उस पर कोई विचार होता न  यह कदम उठाना पड़ा।

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