नई दिल्ली [वी.के.शुक्ला]। lumpy skin disease: दिल्ली के पशुओं में बढ़ते लंपी वायरस की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को कई कदम उठाए हैं। सरकार ने आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। विकास मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि अधिकारियों को स्पेशल कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर 8287848586 जारी किया गया है।

रेवला खानपुर गौसदन में एक आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा।राय ने शनिवार को लंपी वायरस को लेकर पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। राय ने कहा कि देश के कई राज्यों में लंपी वायरस पशुओं पर कहर बनकर टूट रहा है।

दिल्ली में लंपी वायरस के 173 मामले आए सामने, किसी भी पशु की मौत नहीं

दिल्ली में मवेशियों में लंपी वायरस के कम से 173 मामले सामने आये हैं तथा इनमें से अधिकतर मामले दक्षिण और पश्चिमी जिलों में मिले हैं। लंपी से अब तक किसी मवेशी की मौत की सूचना नहीं है।

सरकार वलयाकार टीकाकरण रणनीति का इस्तेमाल करेगी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहला मामला लगभग आठ से 10 दिन पहले सामने आया था और अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार वलयाकार टीकाकरण रणनीति का इस्तेमाल करेगी जिसके तहत पांच किलोमीटर के दायरे में स्वस्थ मवेशियों को गाट पाक्स वैक्सीन दी जाएगी। वहीं मंत्री गोपाल राय ने बताया कि गोयला डेयरी क्षेत्र में लंपी के 45 मामले, रेवला खानपुर क्षेत्र में 40, घुमानहेड़ा में 21 और नजफगढ़ में 16 मामले सामने आए हैं।

दिल्ली में 40 लावारिस मवेशियों में भी लंपी संक्रमण

चूंकि बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं में इसकी पुष्टि हो रही है तो ऐसे में इंसानों को भी यह डर बना हुआ है कि कहीं यह वायरस उनमें भी न फैल जाए।विशेषज्ञों का कहना है कि मनुष्यों को इससे कोई खतरा नहीं है।दिल्ली में 40 लावारिस मवेशियों में भी लंपी संक्रमण पाया गया है, जिन्हें आइसोलेशन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया है। आइसोलेशन केंद्र में 4,500 मवेशी रह सकते हैं। पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जैसे राज्य में इसके फैलने से दिल्ली में भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

पशुपालन विभाग को मंत्री ने दिए निगरानी बढ़ाने समेत कई निर्देश

विकास मंत्री ने लंपी वायरस को लेकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि 2 मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक को प्रभावित एरिया में लगाने का निर्देश दिए हैं। पशुओं के इलाज़ को लेकर 11 रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है, जो लगातार प्रभावित एरिया में निगरानी करेगी और पशुओं का इलाज़ करेंगी।राय ने बताया कि किसानों-पशुपालक के बीच लंपी वायरस को लेकर जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

लंपी रोग के लक्षण

लंपी वायरस के लक्षणों की बात की जाए तो पशुओं को लगातार तेज बुखार आता है। उनकी आंख और नाक बहने लगती है। इसके अलावा शरीर पर चकत्ते होना, स्किन पर चेचक होना, लार निकलना, दूध का कम होना और वजन कम होना इस वायरस के लक्षणों में शमिल हैं। लंपी वायरस मच्छर,मक्खी, जूं द्वारा फैलता है। अभी तक यह एक दूषित गाय के दूसरी गाय के संपर्क में आने से फैल रहा है।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan