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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीरज बवाना-नवीन बाली के नाम पर व्यापारी से मांगी 20 लाख की रंगदारी, रुपये न देने पर परिवार को मार देने की धमकी

Published: Mon, 05 Feb 2024 10:24 PM (IST)

बीते दो फरवरी को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आइ थी। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर नीरज बवाना-नवील ...और पढ़ें

नीरज बवाना-नवीन बाली के नाम पर व्यापारी से मांगी 20 लाख की रंगदारी
नीरज बवाना-नवीन बाली के नाम पर व्यापारी से मांगी 20 लाख की रंगदारी

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य जिला के जामा मस्जिद स्थित चावड़ी बाजार में एंटीक आइटम की दुकान करने करने वाले एक व्यापारी से कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना-नवीन बाली के नाम पर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। रंगदारी की रकम न देने पर बदमाश ने व्यापारी के पूरे परिवार को जान से मार डालने की धमकी दी है।

चावड़ी बाजार में है व्यापारी की दुकान

पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर जामा मस्जिद थाना पुलिस ने रंगदारी मांगने व धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मध्य जिला पुलिस की कई टीमों को जांच कर बदमाशों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी सिविल लाइंस इलाके में परिवार के साथ रहते हैं। इनका चावड़ी बाजार में हैंडीक्राफ्ट व एंटीक आइटम की दुकान है।

पुलिस को दी शिकायत में व्यापारी ने बताया है कि बीते दो फरवरी को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आइ थी। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर नीरज बवाना-नवील बाली गिरोह का सदस्य बताते हुए 20 लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की। पैसे नहीं देने पर उन्हें व उनके परिवार के सदस्यों को जान से मार डालने की धमकी दी। पहले तो पीड़ित ने कॉल को गंभीरता से नहीं लिया।

चार फरवरी को फिर से किया कॉल

चार फरवरी को दोबारा दो बार कॉल कर कॉलर ने जब उन्हें यह कहा कि उसे पता है कि उनका बेटा जर्मनी में है और वह जल्द भारत आ रहा है। तब उसकी बात सुनकर व्यापारी डर गए और उन्होंने परिवार के सदस्यों से सलाह मशविरा करने के बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दे दी।

पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद तुरंत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि कॉलर ने दिल्ली के ही नंबर से कॉल की थी। इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल नहीं किया गया। पुलिस को शक है कि इसमें व्यापारी के किसी करीबी का भी हाथ हो सकता है।