नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान नवंबर, 2020 से धरने पर बैठे हैं।  इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर (सिंघु, टीकरी, शाहजहांपुर और गाजीपुर) पर किसानों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच किसान आंदोलन के 10 महीने पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को भारत बंद (Bharat Bandh) शुरू हो गया है। अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर रहते हैं और कारोबार करते हैं या फिर नौकरी पेशा हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि सोमवार को क्या करें और क्या नहीं, जिससे आपको ज्यादा दिक्कत नहीं हो।

जानिये- भारत बंद का समय

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों का भारत बंद 27 सितंबर (सोमवार) को सुबह 6 बजे से शुरू हो गया है और शाम 4 बजे तक चलेगा। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से इस तरह का इशारा किया गया है कि पिछले कई भारत बंद की तरह 27 सितंबर को बंद से दिल्ली को 'छूट' है, हालांकि इसका आधिकारिक एलान नहीं किया गया है। बता दें कि इससे पहले भी हुए भारत बंद के दौरान दिल्ली को 'मुक्त' रखा गया था, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत एनसीआर शहरों पर इसका हल्का असर देखा गया था।

लोग रहें सतर्क

यह बात अलग है कि दिल्ली के लोगों और कारोबारियों और व्यापारियों से यह अनुरोध जरूर किया गया था कि वे इस बंद में शामिल हों। लोगों को सलाह कि वे बेवजह घरों से निकलें। खासतौर से टीकरी, सिंघु, टीकरी और यूपी बार्डर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। किसान केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस-वे को जाम कर सकते हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

भारत बंद के दौरान किसे मिली छूट और किसे नहीं?

इसी साल 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के लाल किला पर जमकर हिंसा हुई थी। कुछ तथाकथित किसानों की वजह से संयुक्त किसान मोर्चा की किरकिरी भी हुई थी। ऐसे में आगामी 27 सितंबर को भारत बंद के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा खास सतर्कता बरत रहा है। इसके तहत संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बताया है कि 27 सितंबर को भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक उसकी रणनीति क्‍या होगी? मोर्चा के मुताबिक, 27 सितंबर को भारत बंद सुबह 6 बजे से शुरू होगा, जबकि शाम 4 बजे इसका समापन होगा।

किन्हें मिली छूट और किसे नहीं

  • अस्पताल
  • मेडिकल स्टोर
  • राहत और बचाव कार्य के अलावा जरूरी सेवा वालों को छूट रहेगी।
  • जरूरी सेवा से जुड़ी दुकानें भी खुली रहेंगीं।
  • सार्वजनिक और निजी परिवहन को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी।
  • बंद के दौरान किसी भी सार्वजनिक समारोह की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • केवल एम्बुलेंस और दमकल सेवाओं सहित आपातकालीन सेवाएं ही काम कर सकती हैं।

स्वेच्छा से लोगों से की भारत बंद में शामिल होने की अपील

संयुक्त किसान मोर्चा अपनी छवि को लेकर चिंतित है। ऐसे में उसका मानना है कि लोगों को स्वेच्छा से इस भारत बंद में शिरकत करना चाहिए। SKM नेताओं का कहना है कि सोमवार को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाला भारत बंद स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा।

राजनीतिक दल भी देंगे समर्थन

बताया जा रहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के केंद्र सरकार के खिलाफ भारत बंद को विपक्षी दलों का समर्थन मिलना तय है। दरअसल, संयुक्‍त किसान मोर्चा ने राजनीतिक दलों से भी समर्थन मांगा है, लेकिन उसकी एक बड़ी शर्त भी है, जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मंच साझा नहीं होगा। 

दिल्ली मेट्रो के स्टेशन किए जा सकते हैं बंद

दिल्ली पुलिस भी 27 सितंबर के भारत बंद को लेकर सतर्क है। बताया जा रहा है कि बहादुरगढ़ की ओर से हरियाणा के किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे दिल्ली पुलिस दिल्ली मेट्रो रेल निगम से कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के लिए कह सकती है। 

100 संगठन होंगे शामिल

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के मुताबिक, 27 सितंबर को भारत बंद के दौरान देशभर के 100 से अधिक किसान संगठन भी शामिल हो रहे हैं।  भारत बंद में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अतिरिक्त ट्रेड यूनियनों, किसान संघों, युवाओं, शिक्षक-छात्र संगठन भी शिरकत करेंगे।

Kisan Andolan: केंद्र सरकार के साथ बातचीत को लेकर राकेश टिकैत ने किया बड़ा एलान

Edited By: Jp Yadav