ED ने अरविंद केजरीवाल को क्यों किया गिरफ्तार, क्या हैं आरोप? एजेंसी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया जवाब
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया है। ED ने कोर्ट से कहा कि दिल्ली आबकारी नीति (Delhi Excise Policy 2021-22) घोटाले के जरिए हुई अपराध की कमाई का सबसे ज्यादा लाभ आम आदमी पार्टी (AAP) को हुआ है। अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल की थी।

एएनआई, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया है। ED ने कोर्ट से कहा कि दिल्ली आबकारी नीति (Delhi Excise Policy 2021-22) घोटाले के जरिए हुई अपराध की कमाई का सबसे ज्यादा लाभ आम आदमी पार्टी (AAP) को हुआ है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी। मामले में कोर्ट ने सीएम केजरीवाल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी करते हुए दो अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा था।
मंगलवार को दाखिल जवाब में कहा कि आम आदमी पार्टी ने घोटाले में हुई आय की एक हिस्से (लगभग 45 करोड़ रुपये कैश) का उपयोग गोवा के विधानसभा चुनावों 2022 में किया था। यह पैसा चुनाव अभियान में खर्च किया गया था।
ईडी ने जवाब में कहा कि आप ने अरविंद केजरीवाल के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है। यह अपराध धारा 70, PMLA 2002 के अंतर्गत आता है। आम आदमी पार्टी एक राजनीतिक दल है, जिसमें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29-ए के तहत पंजीकृत व्यक्तियों का संघ शामिल है।
15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में केजरीवाल
आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लांन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक अप्रैल को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उससे पहले वह 9 दिनों तक ईडी की हिरासत में रहे थे। उन्हें 21 मार्च को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल-2 में भेज दिया गया।
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