झूठी वाहवाही लूट रहे MCD के अधिकारी, जमीनी हकीकत देख हर कोई हैरान; हजारों लोगों की बढ़ी टेंशन
पूर्वी दिल्ली में निगम कर्मचारियों पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर दिखावा करने का आरोप है। निरीक्षण से पहले सड़कों से अतिक्रमण हटा दिया जाता है लेकिन अगले दिन स्थिति पहले जैसी हो जाती है। स्थानीय लोगों ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, पर्वी दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी किस तरह से अतिक्रमण हटाने के नाम पर झूठी वाहवाही लूटते हैं। इसकी बानगी गाैतमपुरी व सीलमपुर वार्ड में देखने को मिली।
सोमवार को निगम की स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्या शर्मा व जोन उपायुक्त अभिषेक कुमार ने दोनों वार्ड का निरीक्षण किया। आरोप है कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए निगम के कर्मचारियों ने निरीक्षण से पहले ही सड़कों से रेहड़ी, पटरी, अवैध पार्किंग हटाने के साथ मैकेनिक शॉप व वाशिंग सेंटर बंद करवा दिए।
(सोमवार को स्थायी समिति की चेयरपर्सन व जोन चेयरमैन के निरीक्षण से पहले जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास से निगम कर्मचारियों ने नारियल पानी का ठिया हटवा दिया था। जागरण)
वहीं, उनके निरीक्षण के एक दिन बाद मंगलवार को सड़कों पर आम दिनों की तरह से अतिक्रमण देखने को मिला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को दिखाने के लिए होती है। सड़कों व फुटपाथ पर अतिक्रमण के हालात नहीं बदल रहे हैं।
सोमवार को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास निगम की पार्किंग के बाहर फुटपाथ पर मैकेनिकों व वाशिंग सेंटर वालों का कब्जा आम दिनों की तरह नहीं था। मंगलवार को सुबह से ही यहां अतिक्रमण देखने को मिला। अस्पताल के पास नारियल पानी का ठिया सोमवार को निगम के कर्मचारियों ने निरीक्षण से पहले हटवा दिया था।
(मंगलवार को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास ठिये पर बिकता नारियल पानी। जागरण)
मंगलवार को वह ठिया आम दिनों की तरफ लगा हुआ था। गौतमपुरी पानी की टंकी के पास दिल्ली सरकार के स्कूल के बाहर लोगों ने सड़क को घोड़े का अस्तबल बनाया हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार को अधिकारी के निरीक्षण से पहले कर्मचारियों ने अस्तबल हटवा दिया था।
वहीं, मंगलवार को फिर से सड़क को अस्तबल बना दिया। लोगों ने सवाल किया कि आखिर इस तरह की कार्रवाई करके निगम के कर्मचारी किससे सच छिपाना चाहते हैं। अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को देखना चाहिए किस तरह से लोग रोजाना अतिक्रमण से जूझते हैं। अगर कर्मचारी पहले ही अतिक्रमण हटा देंगे तो जिले के वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को कैसे पता चलेगा कि कहां-कहां अतिक्रमण है।
(मंगलवार को पार्किंग के बाहर ऑटो मैकेनिक की दुकान व वाशिंग सेंटर पर धुलता वाहन। उपायुक्त के निरीक्षण से पहले हटा दिया था। जागरण)
बताया गया कि निरीक्षण होते ही निगम की टीम चली जाती है और लोग अतिक्रमण कर लेते हैं। लोगों ने कहा कि पुलिस की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जहां से अतिक्रमण हटे, अगर दोबारा से होता है थाना का बीट कांस्टेबल जिम्मेदार होगा।
निगम बेहतर तरीके से सड़कों व फुटपाथ से अतिक्रमण हटा रही है। लोगों को न जाने कैसे सूचना पहले मिल जाती है कि निगम की टीम कार्रवाई के लिए आ रही है। उससे पहले ही वह अतिक्रमण हटा लेते हैं। जहां से अतिक्रमण हटाया जाए, वहां दोबारा न हो इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाएगी। - सत्या शर्मा, चेयरपर्सन दिल्ली नगर निगम
(निगम उपायुक्त व नेताओं के निरीक्षण से पहले शास्त्री पार्क जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास निगम की पार्किंग के बाहर अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार दिन में 11:33 बजे लगा हुआ पुलिस बैरिकेड। जागरण)
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