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    पूर्वी दिल्ली को मिलने जा रहा है पहला केंद्रीय विद्यालय, स्कूल बनने तक पोर्टा केबिन में कराई जाएगी पढ़ाई

    Updated: Tue, 08 Jul 2025 10:13 PM (IST)

    पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में डीडीए की जमीन पर जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय बनने जा रहा है। स्कूल भवन बनने तक यमुना विहार के पोटा केबिन में कक्षाएं लगेंगी जहाँ पहले दिल्ली सरकार का स्कूल चलता था। देशभर में 85 केंद्रीय विद्यालयों के साथ इसका भी उद्घाटन होगा। दाखिले जल्द ही शुरू होंगे क्योंकि वैकल्पिक स्थान की तलाश जारी है।

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    यमुना विहार में पोटा कैबिन में केंद्रीय विद्यालय चलाने की चल रही तैयारी।

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : उत्तर पूर्वी जिले को शिक्षा व विकास के क्षेत्र में दिल्ली का सबसे पिछड़ा जिला कहा जाता है। हालांकि अब इसमें सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

    खजूरी खास में डीडीए की जमीन पर जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय बनने जा रहा है। जल्द ही स्कूल का निर्माण कार्य शुरू होगा।

    स्कूल की बिल्डिंग बनने तक वैकल्पिक तौर पर यमुना विहार में पोटा कैबिन में स्कूल को चलाने की तैयारी चल रही है। पोटा केबिन में इस साल की शुरुआत तक दिल्ली सरकार ने अपना स्कूल चलाया है।

    देश भर में 85 केंद्रीय विद्यालयाें का होना है उद्घाटन

    अगले कुछ दिनों में देशभर में एकसाथ 85 केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण कार्य का उद्घाटन होना है। इन 85 स्कूलों में खजूरी का स्कूल भी शामिल है। अभी स्कूल में दाखिले शुरू नहीं हुए हैं।

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    केंद्रीय विद्यालय संगठन का प्लान है कि जब तक नए स्कूल की बिल्डिंग तैयार नहीं हो जाती है, तब तक स्कूल वैकल्पिक स्थान पर चलाया जाए।

    वैकल्पिक स्थान की तलाश मे केंद्रीय विद्यालय संगठन दिल्ली संभाग के उपायुक्त सरदार सिंह चौहान ने विद्यालय की नोडल अफसर नीतू वर्मा, पार्षद प्रमोद गुप्ता व सांसद प्रतिनिधि आनंद त्रिवेदी के साथ यमुना विहार में पोटा केबिन का निरीक्षण करने पहुंचे।

    इमारत बनने के बाद बच्चों को किया जाएगा स्थानांतरित 

    उपायुक्त सरदार सिंह चौहान ने कहा कि वह स्कूल शुरू करने के लिए वैकल्पिक जगह तलाश रहे हैं। बच्चे घर से ज्यादा दूर पढ़ाई के लिए नहीं जा सकते है, इसलिए यमुना विहार में पोटा कैबिन देखे गए हैं।

    स्कूल के लिए वैकल्पिक जगह फाइनल नहीं हुई है। फाइनल होते ही स्कूल में शुरुआती कक्षाओं में दाखिले शुरू कर दिए जाएंगे। जब खजूरी में केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंंग बन जाएगी तो विद्यार्थियों को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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