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    आयुर्वेदिक पाचन गोलियों के डिब्बे में छिपा कर रहे थे इस चीज की तस्करी, दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय रैकेट का किया भंडाफोड़

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 06:35 PM (IST)

    क्राइम ब्रांच ने आयुर्वेदिक गोलियों की आड़ में ड्रग्स तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्यों ललित आहूजा और हरविंदर कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 472 ग्राम अफीम बरामद हुई है जो अनारदाना पाचन गोलियों में छिपाई गई थी। गिरोह का नेटवर्क विदेशों तक फैला था और वे पहले भी कई बार अफीम की तस्करी कर चुके थे।

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    आयुर्वेदिक पाचन गोलियों की आड़ में अफीम बेचने वाले दो गिरफ्तार।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : क्राइम ब्रांच की टीम ने आयुर्वेदिक पाचन गोलियों की आड़ में अफीम बेचने वाले गिरोह के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

    गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना को पंजाब के लुधियाना से दबोचा गया, जिसकी पहचान ललित आहूजा उर्फ लकी और उसके सहयोगी हरविंदर कुमार उर्फ हर्ष डावर के रूप में हुई है।

    उनके कब्जे से एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक कंपनी की अनारदाना पाचन गोलियों के रूप में छिपाकर रखी गई 472 ग्राम अफीम बरामद की गई है।

    ड्रग्स तस्करी गिरोह का नेटवर्क कई महाद्वीपों में फैला है

    गिरोह का नेटवर्क महाद्वीपों तक फैला हुआ था। पुलिस उनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है।

    क्राइम ब्रांच के उपायुक्त हर्ष इंदौरा के मुताबिक 22 मई को कनाडा के रास्ते से एक संदिग्ध पार्सल आने के बारे में क्राइम ब्रांच को गुप्त जानकारी मिली थी।

    डीएचएल वेयरहाउस में छापेमारी के दौरान पता चला कि आयुर्वेदिक अनारदाना डाइजेस्टिव की पैकिंग में अफीम की गोलियां छिपाई गई थीं।

    जब्त की गई अफीम का वजन 465 निकला

    जब्त की गई अफीम का वजन 465 ग्राम था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने 24 मई को लुधियानामें छापेमारी कर मेडिकल स्टोर के मालिक ललित आहूजा को पकड़ा।

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    वह थोक मेडिकल डीलर हरविंदर कुमार से ड्रग्स खरीद रहा था। पूछताछ में ललित ने कनाडा और आस्ट्रेलिया में चल रहे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी दी।

    यह भी बताया कि हरविंदर खरीद और पैकेजिंग का काम संभालता था, जबकि ललित विदेश में भेजने का प्रबंधन करता था और लाभ बराबर-बराबर बांटा जाता था। उसने बताया कि अफीम की कई खेप पहले भी कई बार विदेशी तटों पर पहुंचाई जा चुकी थीं।

    सिम कार्ड और आईपी एड्रेस से ट्रेस कर पकड़ा

    लकी की गिरफ्तारी के बाद, हर्ष डावर फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भाग गया।

    उसे ट्रेस करने के लिए टीम ने उसके नए सिम कार्ड और आईपी की पहचान की गई, जिससे उसे ढूंढने में मदद मिली। 26 जून को लुधियाना के पिंडी स्ट्रीट स्थित न्यू डावर एजेंसी में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    हरविंदर ने 12वीं पास कर धीरे-धीरे अपने पिता के मेडिकल होलसेल बिजनेस न्यू डावर एजेंसीज को संभाल लिया। असामाजिक तत्वों के संपर्क में आने और शराब पीने की लत के चलते अपराध की दुनिया में आ गया।

    अफीम की तस्करी के लिए मेडिकल कारोबार का फायदा उठाया

    विदेश में रहने वाले दोस्तों और तुरंत मुनाफे की चाहत में हर्ष ने अफीम की तस्करी के लिए मेडिकल बिजनेस का फायदा उठाना शुरू कर दिया। उसने लुधियाना में ही स्थित वरदान ड्रग स्टोर के मालिक ललित आहूजा के साथ साझेदारी की।

    साथ में, उन्होंने नशीले पदार्थों को आयुर्वेदिक दिखने वाली गोलियों में मिलाकर और उन्हें साधारण सामान से भरे पार्सल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजना शुरू किया।