दिल्ली वालों को खूंखार कुत्तों से मिलेगी राहत, द्वारका और बिजवासन में बनेगा डॉग शेल्टर सेंटर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एमसीडी दिल्ली में खूंखार कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में रखने की क्षमता दोगुनी करने जा रही है। इसके लिए सेक्टर 29 द्वारका व बिजवासन में डॉग शेल्टर सेंटर बनाया जाएगा। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने विभिन्न पशु जन्म नियंत्रण केंद्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एमसीडी दिल्ली सरकार से भी सहयोग मांगेगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों से खूंखार कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से एमसीडी ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। उसने खूंखार कुत्तों को रखने की मौजूदा क्षमता को कुछ माह में बढ़ाकर दोगुनी करनी की तैयारी की है।
अभी एमसीडी के शेल्टर होम में कुत्तों को रखने की मौजूदा क्षमता 4,000 है, जिसे कुछ माह में 8,000 तक किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर 29 द्वारका व बिजवासन में डॉग शेल्टर सेंटर बनाया जाएगा।
इसकी तैयारियों के मद्देनजर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने मसूदपुर , बिजवासन और द्वारका में पांच पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) सेंटरों का निरीक्षण किया। उनके साथ आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर गठित एमसीडी की उपसमिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह, शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं उपसमिति के सदस्य योगेश वर्मा, अतिरिक्त आयुक्त एलडी मेघवाल, अतिरिक्त निदेशक हेमंत कौशिक, जोनल अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण दल ने सभी सेंटरों तथा डॉग क्रेमेटोरियम सेंटर की व्यवस्थाओं व कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा। साथ ही अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। जिसमें सेक्टर 29 द्वारका व बिजवासन में डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की प्रमुख है, उसके लिए दोनों स्थानों पर पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और ऐसी सुविधा विकसित की जा सकती है।
सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी दिल्ली में आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और आने वाले समय में वह और भी एबीसी सेंटरों का निरीक्षण करेंगी और इस समस्या का ठोस समाधान निकालने के लिए पूरी गंभीरता से काम करेंगी।
कॉलोनियों में कुत्तों को खाना खिलाने का स्थान हो रहे तय
सत्या शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवारा कुत्तों के लिए भोजन स्थान बनाने की जगहों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमसीडी इस दिशा में दिल्ली सरकार से भी सहयोग मांगेगी और आवारा कुत्तों के आश्रय गृह तथा उनके भोजन का स्थान विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने को औपचारिक अनुरोध करेगी, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी एवं सुधार के लिए एक उपसमिति पहले से ही बनाई गई है, जो लगातार सुझावों पर काम कर रही है। सत्या शर्मा ने कहा कि निगम का उद्देश्य है कि दिल्ली में पशु कल्याण एवं नागरिक हित दोनों को संतुलित रखते हुए प्रभावी कदम उठाया जाए ताकि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार भी सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों व एबीसी सेंटरों को एमसीडी का महत्वपूर्ण निर्देश
- एबीसी सेंटरों में नसबंदी (स्टरलाइजेशन) व टीकाकरण प्रक्रिया को और तेज व सघन किया जाए ताकि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित हो और बीमारियों की रोकथाम हो सके।
- सभी केंद्रों की क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- एबीसी सेंटरों में केनेल (कुत्तों को रखने की जगह) की संख्या बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक कुत्तों का इलाज एवं देखभाल संभव हो सके।
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