जागरण संवाददाता, दिल्ली/ गाजियाबाद। कोरोना काल में इन दिनों कालाबाजारी करने वाले हर तरह की चीजों की कालाबाजारी कर उससे पैसा कमाने में लगे हुए हैं। अभी तक रेमडेसिविर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ग्लव्स, कंसंट्रेटर की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही थी, अब कोरोना वैक्सीन लगवाने के नाम पर भी कालाबाजारी की जा रही है। कालाबाजारी करने का तरीका भी निराला है। वैक्सीन की कालाबाजारी करने वाले बची हुई वैक्सीन की डोज को अपने पास रख ले रहे थे और उसे तीन से चार गुने दाम पर दूसरों को लगा रहे थे। ऐसा ही एक गिरोह पुलिस की पकड़ में आया उसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

इंदिरापुरम की शिप्रा सनसिटी सोसायटी में 700-700 रुपये में कोरोनारोधी टीका लगा रही महिला व एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। आरोपित पिछले एक माह से रुपये लेकर टीका लगा रहे थे। शनिवार को वे करीब 10 लोगों को टीका लगा चुके थे। इनमें एक महिला स्वास्थ्य विभाग में एएनएम है, जबकि पुरुष एक निजी अस्पताल का टेक्नीशियन है। मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय ने रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है।

शिप्रा सनसिटी निवासी पार्षद संजय सिंह व सुशील चौधरी को जानकारी मिली थी कि बाहर से वैक्सीन लाकर सोसायटी के काटेज व फ्लैटों के लोगों को लगाई जा रही है। संजय सिंह ने टीका के लिए आने वाले अजय नाम के व्यक्ति का नंबर मंगवाया। इसके बाद सुशील चौधरी ने अपनी बुजुर्ग मां को कोरोना का टीका लगवाने के नाम पर फोन किया। अजय ने कहा ने सुशील को शिप्रा सनसिटी के एक काटेज में आकर 700 रुपये में टीका लगवाने को कहा। इसकी सुशील ने रिकार्डिंग कर ली। पार्षद संजय सिंह ने रिकार्डिंग अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय विनय कुमार सिंह को भेजा।

विनय कुमार इंदिरापुरम थाना प्रभारी और शिप्रा सनसिटी चौकी प्रभारी के साथ शिप्रा सनसिटी सोसायटी पहुंचे। तब तक संजय सिंह और सुशील ने टीका लगाने के लिए सोसायटी में पहुंचे अजय और कनावनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम अंतरिक्ष कुमारी को रोक रखा था। दोनों को पुलिस इंदिरापुरम थाने लेकर गई, जहां पर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने दोनों से पूछताछ की। विनय कुमार सिंह ने कहा कि मामले की रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। मौखिक जानकारी दे दी गई है। मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों के पास से कोविशील्ड टीके के 10 डोज बरामद हुए।

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपित कोरोनारोधी टीके की बोतल में जो डोज बच जाती थी। उसे एकत्र कर लेते थे। इसी डोज को फ्लैटों में लाकर लोगों को लगाते थे। पिछले एक माह से दोनों आरोपित 700-700 रुपये लेकर टीका लगा रहे थे। दोनों आरोपित सामान्य बैग में टीके लेकर घूमते थे, जबकि टीके की बोतल को बर्फ में रखना होता है। बर्फ से निकलने के तीन घंटे बाद डोज खराब हो जाती है।

ऐसे में जिन लोगों को टीका लगा है, यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी है। यह भी बताया जा रहा है कि दोनों आरोपित मकनपुर स्वास्थ्य केंद्र से कोरोना की डोज लाते थे। वहीं, मकनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. स्मृति शर्मा का कहना है कि अंतरिक्ष नाम की महिला कनावनी की एएनएम है। वह केंद्र पर टीका नहीं लगाती हैं। हमारे केंद्र पर हरेक डोज का हिसाब है।

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