नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। साल 2020 में जब देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलना शुरू हुआ था, उस समय भी कुछ हाइ प्रोफाइल लोग दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बने थे। इनमें सबसे पहले निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मौलाना साद का नाम सामने आया था। मौलाना साद को एक साल का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है, पुलिस की कई टीमें बनी, जगह-जगह छापेमारी भी हुई मगर मौलाना पकड़ में नहीं आ पाया।

हालांकि इसके पीछे कई और कहानियां भी सामने आती रहीं। अब एक साल का समय बीत जाने के बाद इस साल भी जब कोरोना से राजधानी सहित अन्य प्रदेश परेशान हैं। कोरोना से रोजाना हजारों मौतें हो रही हैं, ऐसे में कालाबाजारी करने वाले कुछ और लोग भी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। जीवनरक्षक दवाओं और अन्य चीजों की कालाबाजारी करने में इनके नाम सामने आ चुके हैं, अब पुलिस इनको पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। इस बीच एक खिलाड़ी ने भी अपनी हरकतों की वजह से पुलिस के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। पुलिस की टीमें इस ओलंपियन को पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं। पुलिस के पास इसके लिए पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं।


तब्लीगी जमात के मौलाना साद

देश में कोरोना को लेकर बड़ा संकट खड़ा करने वाले निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज प्रमुख मौलाना मुहम्मद साद की गिरफ्तारी को लेकर अब तक असमंजस बरकरार है। मुहम्मद साद व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने को करीब एक साल पूरा होने को है। बावजूद इसके न तो दिल्ली पुलिस मुहम्मद साद व मरकज के प्रबंधन का काम देखने वाले उसके किसी खास सहयोगी को गिरफ्तार कर पाई है और न ही आरोप पत्र दायर किया गया है। इस मामले में साद व उसके 12 से अधिक खास सहयोगियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार है, लेकिन इसे दाखिल करने की मंजूरी नहीं मिल पा रही है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच जहां मरकज में जानबूझ कर समारोह आयोजित करने व विदेशी जमातियों को बुलाकर देश में कोरोना फैलाने की साजिश रचने के मामले की जांच कर रही है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय मरकज को हर साल विदेशों से मिलने वाली करोड़ों की फंडिंग की जांच कर रही है। 28 मार्च को क्राइम ब्रांच ने साद के अलावा प्रबंधन से जुड़े उसके छह सहयोगियों मुहम्मद अशरफ, मुफ्ती शहजाद, डा. जीशान, मुर्शलीन सैफी, यूनुस व मुहम्मद सलमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। ये सभी मौलाना हैं और किसी न किसी रूप में ये साद को सहयोग करते थे। इन्हें पता था कि विदेश में कोरोना महामारी फैल चुकी है, बावजूद इसके 10 हजार से अधिक विदेशी जमातियों को मरकज में बुलाकर समारोह आयोजित किया गया। मरकज में ठहरे 36 देशों के 952 विदेशी जमातियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने देश में कोरोना फैलाने आदि कई धाराओं में अलग से मुकदमा दर्ज किया था। उनमें 912 ने आरोप स्वीकार कर लिया, इसके बाद उनसे जुर्माना वसूलकर 12 दिसंबर को उन्हें वापस उनके देश भेज दिया गया।


ओलंपियन सुशील पहलवान

हरियाणा के रोहतक के पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में पुलिस ने ओलंपियन सुशील कुमार पर अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हालांकि, पुलिस की छापेमारी शुरू होते ही सुशील के भागकर उत्तराखंड में छिपने की जानकारी पुलिस को मिली है। ऐसे में पुलिस की चार टीमें सुशील और उसके करीबी अजय, मोहित व डोली की तलाश में जुट गई हैं और इसके लिए उत्तराखंड पुलिस से भी सहयोग ले रही हैं। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में मंगलवार देर रात उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय पहलवान सागर धनखड़ की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को करीब 20 लोगों ने अंजाम दिया था। इस मामले में पहलवान सुशील कुमार व उसके करीबियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि सुशील व अन्य आरोपितों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। छत्रसाल में लगे सीसीटीवी फुटेज, गिरफ्तार किए गए आरोपित प्रिंस दलाल और घायल पहलवान अमित व सोनू से पूछताछ के बाद 10 आरोपितों की ही पहचान हो पाई है।पुलिस को सुशील के मोबाइल की लोकेशन उत्तराखंड में मिली है। सूत्रों के मुताबिक पहचाने गए अन्य आरोपितों में सुशील का दाहिना हाथ अजय, मोहित और डाली आदि शामिल हैं। मूल रूप से रोहतक के बखेता गांव निवासी सागर धनखड़ उभरते हुए पहलवान थे और दो-तीन बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग ले चुके थे। उनके पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार हैं और बेगमपुरा थाने में उनकी तैनाती है।

नवनीत कालरा और पवन दुग्गल

कुछ दिन पहले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के मामले में नवनीत कालरा और पवन दुग्गल का नाम सामने आया है। इन लोगों ने मैट्रिक्स सेल्युलर की सहायता से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अवैध तरीके से आयात किए। विदेशों में संपर्क होने की वजह से आरोपितों को पहले से ही अनुमान था कि भारत में भी तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ेंगे जिसके चलते उन्होंने दिसंबर से ही कंसंट्रेटर आयात करने शुरू कर दिए थे। बीते बुधवार को लोधी कॉलोनी पुलिस ने नवनीत कालरा के चार कर्मियों को गिरफ्तार कर 419 आक्सीजन कंसंट्रेटर व अन्य चिकित्सा उपकरण बरामद किए थे और नवनीत कालरा को भी हिरासत में लेकर कई घंटे पूछताछ की थी। इसके बाद से नवनीत कालरा फरार है।

इस दौरान एक बात ये भी सामने आई है कि इन दोनों को विदेशों में अपने संपर्कों की बदौलत ये पता चल गया था कि देश में दूसरी लहर आएगी। इस दौरान यहां ऑक्सीजन की कमी होगी और कंसंट्रेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों की मांग बढ़ेगी, इसको ध्यान में रखते हुए ही इन लोगों ने इन उपकरणों को जमा करना शुरू कर दिया था, फिर जब ये मौका आया तो कालाबाजारी शुरू कर दी।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी करने के मामले में फरार आरोपित नवनीत कालरा ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। नवनीत कालरा की याचिका पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। वहीं, सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले में कालरा को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

उधर, नवनीत कालरा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। आरोपित नवनीत कालरा के विदेश भागने के इनपुट के बाद पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। इस बीच नवनीत कालरा ने दिल्ली के साकेट कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए एक दांव चला है। उसने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की है।

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Edited By: Vinay Kumar Tiwari