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    देशबंधु महाविद्यालय 70वां स्थापना दिवस : केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा- अमृत संकल्पों को पूरा करने में युवाओं की भूमिका अहम

    By Prateek KumarEdited By:
    Updated: Wed, 03 Aug 2022 11:32 AM (IST)

    भूपेन्द्र यादव ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आगामी 25 वर्षो में देशबंधु महाविद्यालय के विद्यार्थी भारत को अपना नेतृत्व प्रदान करेंगे। वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का है परंतु हमें अपनी प्राचीन विरासत और ज्ञान परंपरा को नहीं भूलना है।

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    केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव की फाइल फोटो।

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देशबंधु महाविद्यालय के 70वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि 21वीं सदी का भारत राष्ट्र निर्माण के नव संकल्पों की सिद्धि की ओर अग्रसर है। आजादी के अमृत महोत्सव से लेकर 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी तक का अमृत कालखंड देश के विकास की दिशा में अपने प्रयासों को और तेज गति देने का है। अमृत काल में देश के अमृत संकल्पों को पूरा करने में युवा पीढ़ी की भूमिका अहम रहने वाली है।

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    वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का

    भूपेन्द्र यादव ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आगामी 25 वर्षो में देशबंधु महाविद्यालय के विद्यार्थी भारत को अपना नेतृत्व प्रदान करेंगे। वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का है, परंतु हमें अपनी प्राचीन विरासत और ज्ञान परंपरा को नहीं भूलना है। यादव ने वर्ष 2022 में एनआइआरएफ रैंकिंग में 28वां स्थान प्राप्त करने पर महाविद्यालय को बधाई दी।

    स्वतंत्रता आंदोलन के अनसंग हीरोज की कहानी होगी संग्रहित

    दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष और भारत के अमृत महोत्सव के अवसर पर देशबंधु महाविद्यालय के संस्थापक महान स्वतंत्रता सेनानी लाला देशबंधु गुप्ता की दूरदर्शिता को नमन करते हुए उनके योगदान को गुजरात के पूर्व राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा कि निश्चित रूप से इस महाविद्यालय ने शैक्षणिक जगत में अपना एक स्थान बनाया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि सेंटर फार इंडिपेंडेंस एंड पार्टीशन स्टडीज के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में उन अनसंग हीरोज से जुड़ी कहानियां भी संग्रहित की जाएंगी, जिन्हें इतिहास में समुचित स्थान नहीं दिया गया।

    इनकी रही मौजूदगी

    इस दौरान देशबंधु महाविद्यालय के चेयरमैन आरएन वत्स, प्राचार्य प्रो. राजीव अग्रवाल, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन आफ कालेजेस प्रो. बलराम पाणी, प्रो. अनिल राय, प्रभू चावला, विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. चन्द्रिका समेत अन्य गणमान्य और एलुमिनाई उपस्थित रहे।