Delhi Budget 2025: बजट में शिक्षा पर कितना जोर? बदलाव देखकर अपनी खुशी नहीं रोक पाएंगे दिल्लीवासी
दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने बजट का बड़ा हिस्सा शिक्षा को आवंटित किया है। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन के तहत जेईई नीट क्लैट सीए और सीयूईटी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मार्गदर्शन मिलेगा। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास लैपटॉप और भाषा प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जाएंगी।

रितिका मिश्रा, नई दिल्ली। दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में आई भाजपा सरकार ने शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा को आवंटित किया है, क्योंकि सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को अच्छी और सुलभ शिक्षा मिले, वह भी उसके घर के नजदीक।
प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा के स्तर को सुधारने और बुनियादी ढांचे के विकास पर 19,291 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जो कुल बजट का 19 फीसदी है और यह राशि पिछले साल से ज्यादा है। पिछले साल शिक्षा के लिए बजट में 16,396 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
खुलेंगे 60 नए सीएम श्री स्कूल
रेखा सरकार दिल्ली के सभी बच्चों को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 60 नए सीएम श्री स्कूल खोलेगी। इसके साथ ही शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से नरेला सब-सिटी में एजुकेशन हब स्थापित किया जाएगा। इसके लिए डीडीए ने जमीन आवंटित कर दी है।
इसमें 160 एकड़ जमीन इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय को दी जाएगी और 1270 फ्लैट डीएसईयू (दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय), डीपीआरएसयू (दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी), जीजीएसआईपीयू (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय) और दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) को दिए जाएंगे ताकि वे नरेला में अपने परिसरों की स्थापना या विस्तार कर सकें।
बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा के नाम पर दिल्ली को गुमराह किया और सरकार की नीतियों के कारण बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया। अनगिनत छात्रों को फेल कर दिया गया और उन्हें ओपन स्कूलिंग में जाने के लिए कहा गया।
तैयारी कर रहे छात्रों को मिलेगा मार्गदर्शन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत सरकार महामना पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन भी शुरू करने जा रही है। इस पहल के तहत जेईई, नीट, क्लैट, सीए और सीयूईटी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पेशेवर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
नीति निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा
सरकार राष्ट्रनीति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के छात्रों को शासन, लोकतंत्र, सक्रिय नागरिकता और नीति निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इसमें युवा संसद, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संवाद, डिजिटल गवर्नेंस, भारत के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों का वर्चुअल टूर और सामुदायिक जुड़ाव भी शामिल होगा।
100 सरकारी स्कूलों में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का इस्तेमाल कर अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश जैसी कई भाषाएं पढ़ाई जाएंगी।
केजी से 12वीं तक के छात्रों के लिए साइंस ऑफ लिविंग कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में 175 नई कंप्यूटर लैब बनाई जाएंगी।
सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की सभी कक्षाओं में स्मार्ट क्लास लगाई जाएंगी, कुल सात हजार कक्षाओं को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। पहले चरण में करीब दो हजार कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में बदला जाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा लैपटाप
शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए, कक्षा 11 के 1,200 छात्रों को उनके कक्षा 10 के बोर्ड परिणामों के आधार पर मुफ्त लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए, कक्षा 8 से 12 तक के सभी स्कूलों में एनएवी (उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र और विजन का नया युग) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
सरकार ने तकनीकी शिक्षा में विभिन्न योजनाओं के लिए 618 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 11 उद्यम विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट
- 60 सीएम श्री स्कूल - 100 करोड़ रुपये
- महामना पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन - 21 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय नीति योजना - 1.5 करोड़ रुपये
- 100 डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भाषा प्रयोगशालाएं - 21 करोड़ रुपये
- 175 कंप्यूटर प्रयोगशालाएं - 50 करोड़ रुपये
- विज्ञान जीवन कार्यक्रम - 1.5 करोड़ रुपये
- 2000 स्मार्ट क्लास - 100 करोड़ रुपये
- कक्षा 10 के 1200 छात्रों को मुफ्त लैपटॉप मिलेंगे - 7.5 करोड़ रुपये
- नीव योजना - 20 करोड़ रुपये
- तकनीकी शिक्षा - 618 करोड़ रुपये
- नरेला में शिक्षा हब - 500 करोड़ रुपये
- आईटीआई पूसा और आईटीआई शाहदरा - 20.65 करोड़ रुपये
- 11 उद्यम विकास केंद्र - 2.43 करोड़ रुपये
- प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग - 886.15 करोड़ रुपये
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