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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अगर शोर मचाया तो और गरम तेल डाल दूंगी', सोते हुए पति पर पत्नी की क्रूरता ने शहर को दहलाया

By Agency Edited By: Rajesh Kumar
Published: Wed, 08 Oct 2025 07:33 PM (IST)

दिल्ली के मदनगीर में एक दर्दनाक घटना में एक पत्नी ने अपने पति दिनेश पर सोते समय उबलता हुआ सरसों ...और पढ़ें

दिनेश को उसकी पत्नी ने सोते समय बेरहमी से हमला किया।
दिनेश को उसकी पत्नी ने सोते समय बेरहमी से हमला किया।

पीटीआई, नई दिल्ली। मदनगीर में एक चौंकाने वाली घटना हुई, जहां 28 वर्षीय फार्मास्यूटिकल कंपनी के कर्मचारी दिनेश को उसकी पत्नी ने सोते समय बेरहमी से हमला किया। उसने दिनेश पर उबलता सरसों का तेल डाला और लाल मिर्च पाउडर छिड़का, जिससे उसकी चीखें रात की शांति को चीरती हुई निकलीं।

बता दें कि दिनेश को गंभीर रूप से झुलसे हालत में सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया। अंबेडकर नगर पुलिस स्टेशन में उसी दिन दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह हमला सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब दिनेश सो रहा था। उस समय घर में उसकी आठ साल की बेटी भी मौजूद थी।

पीटीआई के अनुसार, दिनेश ने पुलिस को बताया कि वह 2 अक्टूबर को काम से देर से घर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया। अपनी शिकायत में उसने कहा, “मेरी पत्नी और बेटी पास में सो रही थीं। सुबह करीब 3:15 बजे, मुझे अचानक पूरे शरीर में तेज जलन महसूस हुई। मैंने देखा कि मेरी पत्नी मेरे ऊपर खड़ी होकर मेरे सीने और चेहरे पर उबलता तेल डाल रही थी। इससे पहले कि मैं उठ पाता या मदद के लिए चिल्ला पाता, उसने मेरे जले हुए हिस्से पर लाल मिर्च पाउडर छिड़क दिया।”

जब दिनेश ने विरोध किया, तो उसकी पत्नी ने धमकी दी, “अगर शोर मचाया तो और गरम तेल डाल दूंगी।” लेकिन वह अपनी चीखें रोक नहीं सका। शोर सुनकर पड़ोसियों और नीचे की मंजिल पर रहने वाले उसके मकान मालिक का परिवार दौड़कर घर पहुंचा। इनमें मकान मालिक की बेटी अंजलि भी शामिल थी, जो दिनेश का हाल जानने के लिए दौड़ी।

अंजलि ने पीटीआई को बताया, “मेरे पिता ऊपर गए और देखा कि क्या हो रहा है। दरवाजा अंदर से बंद था। हमने उसकी पत्नी से दरवाजा खोलने को कहा। जब दरवाजा आखिरकार खुला, तो हमने देखा कि वह दर्द से तड़प रहा था और उसकी पत्नी घर के अंदर छिपी हुई थी।”

अंजलि के पिता ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो महिला ने कहा कि वह अपने पति को अस्पताल ले जा रही है। लेकिन जब वह उसके साथ बाहर आई, तो वह विपरीत दिशा में चली गई, जिससे शक हुआ। अंजलि के पिता ने उसे रोका, एक ऑटो का इंतजाम किया और दिनेश को अकेले अस्पताल पहुंचाया।

सबसे पहले दिनेश को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी छाती, चेहरे और बाहों पर गहरे जले के निशान देखकर डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में उसकी चोटों को “खतरनाक” बताया गया है।

दिनेश के अनुसार, उनकी शादी को आठ साल हो गए हैं, लेकिन उनके रिश्ते में खटास आ गई थी। दो साल पहले, उसकी पत्नी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध (सीएडब्ल्यू) प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे समझौते से सुलझा लिया गया था।

दिनेश की पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (जानबूझकर खतरनाक हथियारों या साधनों से चोट पहुंचाना), 124 (तेजाब से गंभीर चोट पहुंचाना) और 326 (आग, जहर या विस्फोटक पदार्थ से नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।