यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Weather: दिल्लीवासी उमस से बेहाल, दो सालों में सबसे गर्म दिन; छह सालों में रही सबसे गर्म रातें
दिल्ली में सितंबर के अंत में भी उमस भरी गर्मी जारी है जिससे लोगों का हाल बेहाल है। रविवार को ...और पढ़ें

HighLights
- उमस भरी गर्मी से दिल्ली वासियों का हाल बेहाल |
- अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज |
- दिल्ली का एक्यूआई 139 दर्ज किया गया |
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। साफ आसमान व तेज धूप के चलते सितंबर के अंत में भी उमस भरी गर्मी दिल्ली वासियों का हाल बेहाल कर रही है। तीखी धूप की चुभन तो सही नहीं जाती। आलम यह है कि रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के पार हो गया।
अधिकतम दो सालों में और न्यूनतम छह सालों में सितंबर माह का सबसे अधिक तापमान है। सोमवार को भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। अलबत्ता, मंगलवार और बुधवार हल्की वर्षा होने की संभावना है। इससे कुछ राहत अवश्य मिल सकती है।
रविवार को सुबह ही धूप निकल गई थी। दिन चढ़ने के साथ साथ यह और तीखी होती चली गई। इसी के चलते अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक 38.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह 2023 के बाद सितंबर माह का सर्वाधिक अधिकतम तापमान है। इससे पहले चार सितंबर 2023 को यह 40.1 डिग्री रिकार्ड किया गया था।
इसी तरह रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह 2019 के बाद सितंबर माह का सर्वाधिक है। इससे पूर्व छह सितंबर 2019 को यह 28.2 डिग्री दर्ज किया गया था। हवा में नमी का स्तर 83 से 50 प्रतिशत तक रहा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि धूप भी निकली रहेगी। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 35 व 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मंगलवार को मौसम कुछ करवट ले सकता है।
इसके चलते मंगलवार और बुधवार दोनों दिन हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस कारण से तापमान में भी आंशिक कमी देखने को मिलेगी। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम शुष्क रहेगा लेकिन तापमान में कमी आने लगेगी।
दूसरी तरफ मानसून की विदाई के बाद प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 139 दर्ज हुआ। इस स्तर की हवा को ''मध्यम'' श्रेणी में रखा जाता है। हाल फिलहाल इसके इसी श्रेणी में रहने की संभावना है।
