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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Water Crisis Area: दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित, हजारों लोगों की बढ़ी परेशानी

By Mangal YadavEdited By:
Published: Tue, 13 Apr 2021 07:26 PM (IST)Updated: Wed, 14 Apr 2021 09:29 AM (IST)

Delhi Jail Board Water Crisis मध्य दिल्ली दक्षिणी दिल्ली पश्चिमी व उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभवित ...और पढ़ें

तीन जल शोधन संयंत्रों से 27.50 फीसद पानी आपूर्ति हुई कम
तीन जल शोधन संयंत्रों से 27.50 फीसद पानी आपूर्ति हुई कम

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। यमुना में अमोनिया का खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। जिसे जल शोधन संयंत्रों में शोधित कर पाना संभव नहीं है। इस वजह से दिल्ली जल बोर्ड के तीन जल शोधन संयंत्रों से करीब 27.50 फीसद पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। लिहाजा, मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, पश्चिमी व उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभवित रहेगी। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के वीवीआइपी इलाके में भी पानी आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने यमुना में अमोनिया बढ़ने के लिए हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि हरियाणा से बगैर शोधन के गंदा पानी गिराए जाने से यमुना में अमोनिया का स्तर इतना बढ़ चुका है कि पानी जहरीला हो गया है। इस वजह से हरियाणा से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की गई है। ताकि अमोनिया का स्तर घट सके। 

हरियाणा से यमुना में कम पानी छोड़ा जा रहा

राघव चड्ढा ने कहा कि पेयजल आपूर्ति का करीब 40 फीसद पानी यमुना से उपलब्ध होता है। यमुना के पानी में अमोनिया का स्तर एक पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक होने पर जल शोधन संयंत्रों में शोधित कर लिया जाता है। लेकिन यमुना के पानी में मंगलवार दोपहर चार बजे अमोनिया की मात्रा 7.36 पीपीएम पहुंच चुका है। इसका मतलब है कि यमुना के पानी में गंदगी का स्तर सात गुना बढ़ गया है। इसके अलावा हरियाणा से यमुना में कम पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से दिल्ली के हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है।

इस वजह से यमुना में वजीराबाद के पास जल स्तर 674 फीट से घटकर 670 फीट पर आ गया है। इस वजह से वजीराबाद, चंद्रावल व ओखला जल शोधन संयंत्र से 85 एमजीडी पानी की आपूर्ति कम हो गई है। वजीराबाद जल शोधन संयंत्र की क्षमता 135 एमजीडी है। जबकि अभी 82 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो रही है। चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से 92 एमजीडी की जगह 72 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो रही है।

अगले कुछ दिनों में पेयजल की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है

वहीं ओखला जल शोधन संयंत्र से पानी आपूर्ति 21 एमजीडी से घटकर 10 एमजीडी हो गई है। यदि यमुना में अमोनिया का स्तर कम नहीं हुआ तो अगले कुछ दिनों में पेयजल की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। जल बोर्ड का कहना है कि हरियाणा से उसे 570 एमजीडी पानी मिलता है। जबकि मुनक नहर, दिल्ली सब ब्रांच कैनाल व यमुना से कुल 485 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है।