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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Water Bill: दिल्ली में पानी के बिलों का बकाया 1.4 लाख करोड़ के पार, उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद

Published: Sun, 13 Jul 2025 05:02 PM (IST)

दिल्ली में पानी के बिलों का बकाया 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है जिसमें व्यावसायिक और सरकारी ...और पढ़ें

दिल्ली में पानी के बकाया बिलों का आंकड़ा अब 1.4 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है।
दिल्ली में पानी के बकाया बिलों का आंकड़ा अब 1.4 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में पानी के बकाया बिलों का आंकड़ा अब 1.4 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बकाया राशि में सबसे बड़ा हिस्सा व्यावसायिक उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों का है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी/DJB) के अनुसार, सिर्फ व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर ही 66,000 करोड़ रुपये का बकाया है जबकि सरकारी विभागों को 61,000 करोड़ रुपये चुकाना बाकी है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं पर भी करीब 15,000 करोड़ रुपये की देनदारी है।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत की आस

इस संबंध में जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को कहा...

''घरेलू पानी उपभोक्ताओं को जल्द ही फुले हुए बिलों से राहत दी जाएगी। डीजेबी का बिलिंग सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया जा रहा है, जो अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगा। इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग से राहत मिलेगी और नई स्कीम के तहत सरचार्ज भी अपने आप माफ होगा।''

कोविड और गलत रीडिंग से हुआ ऐसा

पिछले कुछ वर्षों में हजारों उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि कोविड लॉकडाउन के समय जब कई घर खाली थे, तब भी बिल जारी किए गए थे। इसके अलावा कई मीटर रीडिंग अनुमानित या गलत निकलीं, जिससे बिल बेवजह बढ़ते गए। विवादित बिलों के कारण लोगों ने भुगतान नहीं किया, जिससे लेट फीस जुड़ती गई और बकाया लाखों में पहुंच गया।

सरचार्ज माफी का भी विकल्प

सरकार अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज को पूरी तरह माफ करने की योजना बना रही है। हालांकि, इस माफी योजना का फायदा सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा। व्यावसायिक उपभोक्ता और सरकारी विभाग इसके दायरे में नहीं आएंगे।

स्मार्ट मीटर से खत्म होगी गलत बिलिंग

भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए डीजेबी पारंपरिक मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से गलत रीडिंग या फर्जी बिलिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। अभी तक मीटर रीडर गलत तस्वीरें अपलोड कर देते थे, जिससे गलत बिल बनते थे।

मीटर रीडर्स की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

दिल्ली जल बोर्ड के करीब 1,000 मीटर रीडर फिलहाल 41 जोनों में 26.5 लाख उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग संभालते हैं। समय के साथ यह व्यवस्था कमजोर साबित हो रही है। मंत्री वर्मा ने जल बोर्ड अधिकारियों को जल्द नया बिलिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

नया मोबाइल एप्प और दलालों पर लगाम

जल बोर्ड अब एक नया मोबाइल एप्प भी लाने जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में आसानी होगी। अधिकारी मानते हैं कि पुराने सिस्टम में दलाल और एजेंट सक्रिय रहते थे जो घूस लेकर बिल ‘ठीक’ करवाते थे। स्मार्ट मीटरिंग से इन बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी। सरकार का फोकस है कि पारदर्शी बिलिंग से उपभोक्ताओं का भरोसा फिर से जीता जाए।