यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत-PAK तनाव के बीच 54 साल बाद दिल्ली के हर जिले में लगेंगे 10 सायरन, मेट्रो स्टेशन समेत ये जगह हुई तय
दिल्ली में 1971 के भारत-पाक युद्ध के 54 साल बाद हर जिले में 10 जंगी सायरन लगाए जा रहे हैं। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वर्ष 1971 में भारत और पाकिस्तान की जंग के 54 वर्ष बाद दिल्ली में जंगी सायरन लग रहे हैं। दिल्ली के हर एक जिले में 10 सायरन लग रहे हैं। पांच किलोमीटर तक इनकी आवाज सुनाई देगी।
बताया गया कि मेट्रो स्टेशन, आवासीय परिसर समेत कई जगह पर यह सायरन लग रहे हैं। ईस्ट जिले की पांच लोकेशन तय हुआ है। बताया गया कि सात मई को हुई मॉक ड्रिल में इस तरह से सायरन बजाए गए थे, जिनकी आवाज 100 मीटर दूर भी नहीं गई थी।
वर्ष 1971 में जंग के दौरान दमकल व पुलिस के सहयोग से बजाए गए थे सायरन
कुछ दिनाें पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तान से जंग के हालात बने हुए हैं। वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान यमुनापार के लोगों ने जंगी सायरन की आवाज सुनी थी। जैसे तैसे करके उस वक्त भी सायरन बजाए गए थे। 54 साल बाद भी यहां व्यवस्थाएं नहीं बदली हैं। यहां अभी भी जंगी सायरन व पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम नहीं है।
बुधवार को होने वाले माकड्रिल आधी अधूरी तैयारियों के साथ की जाएगी। पोर्टेबल स्पीकर पर जंगी सायरन का आडियो चलाकर माकड्रिल में अलर्ट किया जाएगा। उसी स्पीकर पर अनाउंसमेंट की जाएगी। पुरानी जंग से सबक लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपात स्थिति में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम व जंगी सायरन को मजबूत नहीं कर सका है।
पाकिस्तान द्वारा हवाई हमले की आशंका को भांपते हुए बुधवार को 15 स्थानों पर माकड्रिल होगी। आधे अधूरे इंतजामों के साथ माकड्रिल को अंजाम दिया जाएगा। क्योंकि यमुनापार में सायरन की व्यवस्था नहीं है। पोर्टेबल स्पीकर पर जंगी सायरन का आडियो चलाकर सिविल डिफेंस वालंटियर व पुलिसकर्मी अलर्ट करेंगे। यहां पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी नहीं हैं। इजरायल व गाजा के बीच जंग चल रही है।
इजरायल में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम मजबूत है। वहां हवाई हमले से पहले जंगी सायरन तेज आवाज के साथ बजने लगते हैं। दूर तक उनकी आवाज सुनाई देती है, इससे लोग सचेत हो जाते हैं कि हवाई हमला होने वाला है। उसी तर्ज पर दिल्ली भर में हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए माकड्रिल की जाएगी। लेकिन अधूरे इंतजामों के साथ। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यमुनापार में सायरन और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम क्यों नहीं लगे। आपात स्थिति में इस सिस्टम की जरूरत होती है।
वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई थी, जब दमकल व पुलिस के थानों से जंगी सायरन बजाए गए थे। पहली बार इसी जंग में सिविल डिफेंस वालंटियर का इस्तेमाल किया गया था। उसने भीड़ को नियंत्रण व खाना बंटवाया गया था। 54 साल बाद भी यमुनापार में जंगी सायरन व पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम नहीं है। जिससे एक ही बारी में किसी हमले व आपदा की सूचना दी जा सके।
आज भी यमुनापार के लोग वहीं खड़े हैं, जहां 54 साल पहले थे इन हालातों के लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह जिम्मेदार है। लोगों का कहना है कि जंगी सायरन व पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम कम से कम देश की राजधानी में तो होना चाहिए। यह सायरन जंग व अन्य आपदा के अनदेशे को देखते हुए बजाय जाते हैं। मार्केट, रिहायशी क्षेत्र, सार्वजनिक स्थानों पर सिस्टम नहीं है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि अनाउंसमेंट सिस्टम स्थापित कर कोई एक विभाग उसको संभाले और एक साथ सूचना जारी हो। माकड्रिल में पोर्टेबल स्पीकर पर जंगी सायरन बजाया जाएगा, उसकी आवाज कितनी दूर तक जाएगी।
माकड्रिल स्थान से कुछ दूर बैठे लोग कैसे उस आवाज की पहचान करेंगे। उत्तर पूर्वी जिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि उनके कार्यालय पर कुछ माह पहले ही अनाउंसमेंट सिस्टम लगा है। माकड्रिल में इसी सिस्टम से जंगी सायरन बजेगा। पहली बार इस्तेमाल होगा। अन्य जगह के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं कहां लगे है या नहीं लगे हैं।
बिजली विभाग को एकसाथ ब्लैकआउट करने में लगेगा समय
बीएसईएस से पता किया गया अगर ब्लैकआउट करने की नौबत आती है तो क्या इस तरह का सिस्टम है कि जरूरी सेवाएं जैसे अस्पताल, थाना पुलिस व दमकल के कार्यालय को छोड़कर बाकी जगह ब्लैकआउट एकसाथ किया जा सकता है। इसपर बीएसईएस ने कहा कि अस्पताल में अपना एक ट्रांसफार्मर लगा होता है। ब्लैकआउट हो जाएगा, लेकिन थोड़ा समय लगेगा।
अस्पताल, स्कूल से लेकर मार्केट तक में होगी माकड्रिल
हर एक जिले में पांच अलग-अलग स्थानों पर शाम चार बजे एकसाथ माकड्रिल होगी। प्रशासन ने माकड्रिल के लिए स्कूल, कालेज, मार्केट, रिहायशी क्षेत्र, अस्पताल व सरकारी दफ्तर चुने हैं। शाम के वक्त माकड्रिल होनी है। इसमें हवाई हमले के दौरान ब्लैकआउट के बारे में बताया जाएगा।
प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से सवाल किया गया है कि शाम के वक्त माकड्रिल की जानी है, ऐसे में दिन में ब्लैकआउट कैसे करके दिखाया जाएगा। इसपर अधिकारियों ने कहा कि समय गृहमंत्रालय ने तय किया है।
ड्रिल में बताया जाएगा हवाई हमले में कहीं मकान गिरते हैं तो कहीं आगजनी होती है। लोगों की जान भी जाती है, लोग घायल भी हाेते हैं। उस स्थिति में क्या करना चाहिए। सिविल डिफेंस वालंटियर माकड्रिल में भीड़ को नियंत्रित करने के साथ घायलों की मदद करेंगे। इस माकड्रिल का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है।
पूर्वी जिला
1.डीएम ऑफिस, गीता कालोनी
2. महाऋषि वाल्मीकि कालेज, गीता कालोनी
3. स्कोप मीनार, निर्माण विहार
4. कोंडली मार्केट
5. सहयोग अपार्टमेंट
शाहदरा जिला
1. शाहदरा छोटा बाजार
2. लोनी रोड, गुरुद्वारे के पास
3. प्रतिभा विद्यालय, नंद नगरी
4. जे एंड के ब्लाक, दिलशाद गार्डन
5. ईएसआइ झिलमिल
उत्तर पूर्वी जिला
1. डीएम ऑफिस, नंद नगरी
2. वीर सावरकर अस्पताल, शिव विहार
3. यमुना विहार बी ब्लाक सर्वोदय स्कूल
4. यमुना विहार सी ब्लाक रिहाशी क्षेत्र
5. सीलमपुर मार्केट
