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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Air Pollution: 'वर्क फ्रॉम होम, ऑड-ईवन स्कीम... कृत्रिम बारिश होगी या नहीं? क्या बोले मंत्री गोपाल राय

Published: Mon, 18 Nov 2024 10:55 PM (IST)

दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ऑड-इवेन स्कीम लागू करने पर विचार किया ...और पढ़ें

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर विभिन्न उपायों के बारे में दी जानकारी।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर विभिन्न उपायों के बारे में दी जानकारी।

HighLights

  1. ऑड-इवेन पर विशेषज्ञों से विमर्श करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही कोई निर्णय लिया जाएगा
  2. कृत्रिम वर्षा कराने के लिए केंद्र की सभी एजेंसियों, IIT कानपुर की एक बैठक बुलाने को कहा गया

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को कहा कि ऑड-इवेन लागू करने के संदर्भ में विशेषज्ञों से विमर्श करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आप सरकार दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण में वृद्धि के लिए पराली का एक महत्वपूर्ण कारक रहा है। पंजाब में जब 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो उस समय 15 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच पराली जलने की कुल 47 हजार घटनाएं रिपोर्ट हुई थी। पंजाब की सरकार ने बहुत काम किया और इसका परिणाम यह हुआ कि 2024 में 15 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच केवल साढ़े सात हजार घटनाएं हुई हैं।

उत्तर प्रदेश पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि: गोपाल राय

जबकि इसी दौरान उत्तर प्रदेश में 2022 में पराली जलाने की कुल ढेड हजार घटनाएं हुई थी जो आज बढ़कर ढाई हजार हो गई है। एक तरफ हम पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 80 प्रतिशत की कमी लाने में सफल हुए हैं वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। वर्क फ्रॉम होम के सवाल पर गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पढ़कर ही फैसला लिया जाएगा। 

गोपाल राय ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने जिम्मेदारी लेते हुए सभी संबंधित राज्यों के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्ययोजना बनाई होती ताे आज दिल्ली के लोगों तथा पूरे उत्तर भारत के लोगों को यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने कहा कि अगस्त में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को इस बाबत पत्र भेजा था।

ठंढ बढ़ने से स्मॉग की चादर बनती है: गोपाल राय

उन्होंने कहा कि आग्रह किया गया था कि वह सभी संबंधित केन्द्रीय एजेंसियों, राज्यों, दिल्ली सरकार और आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर ऐसी कार्ययोजना बनाएं जिससे आज की परिस्थितियों को देखते हुए जबकि हवा की गति कम होने और ठंढ बढ़ने से स्मॉग की चादर बन जाती है तो उसे तोड़ने के लिए कृत्रिम वर्षा कराई जा सके। लेकिन आज ढाई महीने बाद भी एक बैठक बुलाने का समय नहीं मिला।

पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा: गोपाल राय

गोपाल राय ने कहा कि पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है लेकिन केंद्र की BJP सरकार और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री मौन धारण करके सोये हुए हैं। दिल्ली में GRAP-4 के नियम लागू हैं लेकिन पड़ोस के बीजेपी शासित राज्यों में खुलेआम GRAP-4 के नियमों की अवेहलना हो रही है। यह बता रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें प्रदूषण को रोकने के लिए कोई काम नहीं कर रही हैं। 

केंद्र सरकार के पास एक बैठक करने तक का समय नहीं: गोपाल राय

मैंने अगस्त के महीने में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा कराने के लिए केंद्र की सभी एजेंसियों, IIT कानपुर और दिल्ली सरकार की एक बैठक बुलाने को कहा था। अभी तक उस पत्र का कोई जवाब नहीं आया है। BJP की केंद्र सरकार के पास एक बैठक करने तक का समय नहीं है। दिल्ली सरकार सभी काम कर रही है लेकिन केंद्र सरकार सोई हुई है। 

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री मौन व्रत धारण करके बैठे हुए: गोपाल राय

पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है। ऐसे समय में भी केंद्र की बीजेपी सरकार सो रही है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री मौन व्रत धारण करके बैठे हुए हैं। यह बेहद ही ख़तरनाक है। उत्तर भारत में प्रदूषण बढ़ने का एक बड़ा कारण पराली जलना है। एक तरफ़ हमारी पंजाब सरकार ने पराली जलने की घटनायें कम की हैं तो वहीं BJP शासित उत्तर प्रदेश में पराली जलने की घटनायें बढ़ी हैं। 

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